गांगुली की टीम में अरुण धूमल

बीसीसीआई की नई कार्यकारिणी में अनुराग के भाई का कोषाध्यक्ष बनना तय

हमीरपुर  – बीसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष और केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर के छोटे भाई अरुण धूमल को पूर्व कप्तान सौरव गांगुली की टीम बीसीसीआई में एंट्री मिलना तय हो गया है।  गांगुली बीसीसीआई के नए अध्यक्ष बनने जा रहे हैं तो अरुण धूमल कोषाध्यक्ष। सोमवार दोपहर को बीसीसीआई के कोषाध्यक्ष पद के लिए एकमात्र नामांकन अरुण धूमल की ओर से दाखिल हुआ। अध्यक्ष पद के लिए भी गांगुली की ओर से ही एकमात्र नामांकन हुआ है, जिसके चलते दोनों का चुना जाना तय है।  हालांकि परिणामों की विधिवत घोषणा 23 अक्तूबर को होनी है। हालांकि सूत्रों की मानें तो अभी लीगल ओपीनियन जैसी प्रक्रिया से भी बीसीसीआई के सभी सदस्यों को गुजरना होगा। बीसीसीआई के सभी पदों के लिए एक-एक नामांकन ही दाखिल हुआ है, इसलिए यदि कोई कानूनी पचड़ा नहीं पड़ता है तो सभी उम्मीदवारों की संबंधित पदों पर तैनाती संभव है। बता दें कि अभी हाल ही में अरुण धूमल को हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन का अध्यक्ष चुना गया है। अरुण धूमल वित्त राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर के छोटे भाई हैं और हिमाचल से दो बार मुख्यमंत्री रहे प्रो. प्रेम कुमार धूमल के बेटे हैं। अरुण धूमल की शिक्षा जालंधर में हुई है, लेकिन हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन में वह सक्रिय रहे हैं। वर्तमान में अरुण धूमल एचपीसीए के अध्यक्ष हैं। पहले वह हिमाचल क्रिकेट संघ की अंतरिम कमेटी के सदस्य थे। व्यावसायिक तौर पर जालंधर स्थित दिल्ली पब्लिक स्कूल में प्रबंध निदेशक हैं। उनकी पढ़ाई दयानंद मॉडल पब्लिक स्कूल जालंधर में हुई है। जालंधर एनआईटी से इंजीनियरिंग करने के बाद उन्होंने हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला से एमबीए की है। इंजीनियरिंग के दौरान वे कॉलेज टीम के कप्तान भी रहे हैं। वह जिला खेल संघ हमीरपुर के अध्यक्ष भी रहे हैं।

हमीरपुर को फिर संजीवनी

वर्ष 2017 के विधानसभा चुनावों के बाद से हाशिये पर चल रहे हमीरपुर जिला को फिर से संजीवनी मिलती नजर आ रही है। लोकसभा चुनावों के बाद सांसद अनुराग ठाकुर को केंद्र में वित्त राज्य मंत्री की जिम्मेदारी मिलने के बाद उनके छोटे भाई अरुण धूमल की पहले एचपीसीए अध्यक्ष पद पर ताजपोशी और अब कोषाध्यक्ष पद पर संभावित ताजपोशी धूमल परिवार के लिए अच्छे संकेत माने जा रहे हैं। यही नहीं, विधानसभा चुनावों के बाद जिन लोगों ने समीरपुर से दूरियां बनानी शुरू कर दी थीं, पिछले कुछ महीनों से उनकी हाजरियां भी बमसन में बढ़ गई हैं। 

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