चैकिंग असिस्टेंट के पहरे में कालेज

शिमला  – हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में यूजी के छात्रों को रिजल्ट का लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। राज्य के हर परीक्षा केंद्र में अब चैंकिग असिस्टेंट अफसर बैठेगा। यह अफसर शिक्षकों द्वारा छात्रों के लिखे गए रोल नंबर और अवार्ड की दूसरी बार वेरिफिकेशन करेगा। वेरिफिकेशन के दौरान देखा जाएगा कि कालेज शिक्षकों ने कहीं छात्रों के अवार्ड व रोल नंबर लिखने में कोई गलती तो नहीं की है। परीक्षा केंद्रों से अंतिम वेरिफिकेशन के बाद एचपीयू को रिजल्ट से जुड़ी जानकारी भेजी जाएगी। बता दें कि चैंकिंग असिस्टेंट अफसर कालेजों में भी तैनात होंगे। कालेज लेवल पर भी यह देखा जाएगा कि छात्रों की असेसमेंट व जानकारियां भेजने में कोई कोताही तो नहीं की जा रही है। प्रदेश विश्वविद्यालय ने यह फैसला अगले सत्र से शुरू करने का फैसला लिया है। एचपीयू ने तर्क दिया है कि प्रदेश विश्वविद्यालय की परीक्षा शाखा में कालेज छात्रों के रिजल्ट में देरी का यही कारण है कि शिक्षकों द्वारा छात्रों के सही रोल नंबर व अवार्ड नहीं भेजे जा रहे हैं। हैरानी की बात है कि कालेजों को छात्रों के अवार्ड भेजने के लिए भी एचपीयू से कई कॉल्स जाती हैं। बावजूद इसके कालेज प्रशासन समय पर यह जानकारी नहीं भेज पाते हैं और छात्रों के रिजल्ट में इतनी देरी हो जाती है, जिससे कई बार हिमाचल के छात्र बाहरी राज्यों के शिक्षण संस्थानों में भी दाखिला नहीं ले पाते हैं। फिलहाल एचपीयू के परीक्षा नियंत्रक ने इस बाबत प्रोपोजल बनाने की तैयारी कर ली है। वहीं, जल्द कुलपति से इस बाबत मंजूरी ली जाएगी। दरअसल कई सालों पहले भी एचपीयू ने कालेजों में चैकिंग असिस्टेंट अफसरों की तैनाती की थी। इससे यूजी छात्रों के परीक्षा से जुड़ी जानकारियां दो से तीन बार वेरिफिकेशन के बाद एचपीयू जाती थी। इससे एचपीयू समय पर रिजल्ट भी निकाल पाता था व कोई खामियां भी इसमें नहीं होती थीं, लेकिन जब से परीक्षा केंद्रों में चैकिंग असिस्टेंट प्रोफेसर के पद को हटाया गया, तब से कालेजों से छात्रों की परीक्षा से जुड़ी जानकारी से लेकर असेसमेंट में कई खामियां सामने आ रही हैं। एचपीयू ने हैरानी जताई है कि कई ऐसे कालेज भी राज्य में हैं, जो छात्रों की असेसमेंट भेजने में निर्देशों के बाद भी आनाकानी करते हैं। विश्वविद्यालय ने कालेज प्रशासन पर नजर रखने की पूरी तैयारी कर दी है। जानकारी मिली है कि चैकिंग असिस्टेंट अफसर यह भी चैक करेगा कि कालेजों से छात्रों की असेसमेंट सही समय पर भेजी जा रही है या नहीं। विभागीय जानकारी के अनुसार शिक्षकों की लेटलतीफी की रिपोर्ट अब सीधे एचपीयू व शिक्षा विभाग में भी जाएगी।  अब देखना यह  है  कि एचपीयू की इस सख्ती के बाद कितना असर कालेज प्रशासन पर पड़ता है।

हजारों छात्रों का रुका है परिणाम

एचपीयू के विभागीय सूत्र बताते हैं कि अभी विश्वविद्यालय में हजारों यूजी छात्रों के रिजल्ट रुके हैं। ये वे छात्र हेैं, जिनके अवार्ड व असेंसमेंट कालेजों से नहीं भेजी गई है। हालांकि  एचपीयू की ओर से यह आदेश जारी हो चुके  हैं कि पैंडिंग अवार्ड व असेसमेंट भेजी जाए। बता दें कि प्रदेश विवि ने अभी तक पीजी कक्षाओं का रिजल्ट भी घोषित नहीं किया है, जिससे एमफील व अन्य कोर्सिंस में आगे पढ़ाई करने में छात्रों को दिक्कतें पेश आ रही हैं।

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