जांच को भेजे घटिया दवाओं के सैंपल

मौके पर पहुंचे ड्रग इंस्पेक्टर, दवा के इस्तेमाल पर पहले ही लगी है रोक

शिमला  – सरकारी सप्लाई में घटिया दवा मामले में दवाओं के 40 सैंपल कंडाघाट लैब भेजे गए हैं। इसमें अभी कुल्लू और मंडी के अस्पतालों से लिए गए सैंपल्स को जांच के लिए लैब भेजा गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए ड्रग इंस्पेक्टर द्वारा मंगलवार सुबह खराब दवाओं के सैंपल्स सील करके कंडाघाट लैब भेजे गए। इस दौरान कुल्लू और मंडी में हल्ला भी हुआ। गौर हो कि मंडी और कुल्लू की सरकारी सप्लाई में पकड़ी गई घटिया दवाओं को लेकर ‘दिव्य हिमाचल’ ने जोर-शोर से मुद्दा उठाया था। मामला सामने आते ही स्वास्थ्य विभाग ने तुरंत कार्रवाई करते हुए संबंधित बैच की दवाएं मरीज़ों को देने पर प्रदेश भर में रोक लगा दी। इसके साथ ही जिन अस्पतालों में दवा का स्टॉक बचा था, उसे तुरंत सील करते हुए इसे मरीजों को न देने के आदेश जारी किए गए थे। बताया जा रहा है कि संबंधित बैच की दवाएं प्रदेश के सभी जिलों में इस्तेमाल की जा रही थी। लिहाजा जब तक इनकी रिपोर्ट नहीं आ जाती, तब तक इसके इस्तेमाल पर रोक लगा दी गई है। जानकारी के मुताबिक इन सैंपल्स को एमर्जेंसी टेस्टिंग के लिए लैब में भेजा गया है। बता दें कि इनमें ब्लड प्रेशर, गैस्ट्रिक और एलर्जी की दवाएं शामिल हैं। वहीं, इसकी शिकायत संबंधित जिला सीएमओ से भी की गई है, जिस पर आगामी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। बता दें कि जब तक कंडघाट लैब से रिपोर्ट नहीं आ जाती, तब तक अस्पताल में संबंधित दवाअों के बैच को सील करने रखा जाएगा। गौर हो कि सरकार सभी अस्पतालों में जरूरी जीवनरक्षक दवाएं मुफ्त देने पर जोर दे रही है, लेकिन यदि सरकारी सप्लाई में सब-स्टैंडर्ड दवाएं मरीजों को दी जाएंगी, तो यह मरीजों की सेहत से खिलबाड़ होगा

दवाओं की खाली स्ट्रिप्स की भी कर दी पेमेंट?

जो दवाएं सब-स्टैंडर्ड निकली हैं, उनमें सभी जीवन रक्षक दवाएं शामिल हैं। शिकायत में यह भी सामने आया है कि दवा की कई स्ट्रिप्स तो खाली ही थीं, लेकिन जब एक को खोला गया तो भी  मैल्ट हो चुकी था। सवाल यह भी हैं कि अगर कुछ स्ट्रिप्स खाली थीं, तो क्या इनकी पेमेंट भी सरकार द्वारा कर दी गई है? हैरानी की बात है कि जब इन दवाओं को खोला गया, तो वे पाउडर बन चुकी थीं।

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