जाते-जाते और जख्म दे गई बरसात

प्रदेश के कई इलाकों में बारिश के साथ ओलावृष्टि, दो दिन बाद पूरी तरह राहत

शिमला – हिमाचल में अनचाहे मेहमान की तरह अटके मानसून ने बुधवार को लोगों को डरा कर रख दिया। तूफानी बारिश के बीच बरसे ओलों ने जहां खेती की कमर तोड़ कर रख दी, वहीं लोगों की हालत भी पतली कर दी। मौसम की सबसे ज्यादा डरावनी तस्वीर चंबा के सलूणी से सामने आई है। यहां ओलों की ऐसी जबरदस्त बारिश हुई कि स्कूली बच्चे तो बच्चे, अध्यापक तक भी कांप उठे। वहीं पर्यटक नगरी डलहौजी में जगह-जगह ओलों की मोटी चादर बिछ गई। लक्कड़मंडी, कालाटोप और डैनकुंड में तेज हवाओं के साथ बरसे ओलों ने लोगों के दिलों में खौफ भर दिया।  उधर, बिलासपुर में तूफान के साथ आई जोरदार बारिश ने चंद मिनटों में ही जिला को तर-ब-तर कर दिया। मानसूनी बारिश के कहर का अंदाजा यहीं से लगाया जा सकता था कि बस स्टैंड और आसपास की मार्केट पानी-पानी हो गई। वहीं अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा में भी बारिश ने खलल डाला। उधर, प्रदेश की दूसरी राजधानी धर्मशाला, पालमपुर और बैजनाथ में भी अंबर का रुख देख लोग सहम उठे। ओलों की मार से सब्जियां और फसलें बर्बाद हो गईं। यही हाल शिमला और सोलन का भी रहा। इसी बीच कालका-शिमला राष्ट्रीय राजमार्ग पर बारिश की मार से पहाड़ी दरक गई।

….दो दिन बाद पूरी तरह रुखसत हो जाएगा मानसून

हिमाचल से मानसून रुखसत होने में अभी एक व दिन लगेंगे। हालांकि साउथवेस्ट मॉनसून पंजाब हरियाणा व नॉर्थ राजस्थान से बुधवार को रुखसत हो गया है। साउथ-वेस्ट मॉनसून के वापस जाने के बाद हिमाचल से मॉनसून रुखसत होने की अनुकूल स्थिति बन गई है। यानी हिमाचल के कई क्षेत्रों से मॉनसून एक-दो दिन में पूर्ण रूप से रुखसत हो जाएगा। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार साउथ-वेस्ट मॉनसून रुखसत होने के बाद जहां नमी व आद्रता में कमी दर्ज की गई है, वहीं बारिश में भी गिरावट दर्ज की गई है। मसलन साउथ-वेस्ट मॉनसून रुखसत होने से हिमाचल के मॉनसून के लिए इसे फेवरेबल बताया जा रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के निदेशक डा. मनमोहन सिंह ने खबर की पुष्टि की है।

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