टूरिज्म प्रोजेक्टों पर महकमे समझें जिम्मेदारी

मुख्य सचिव डा. श्रीकांत बाल्दी ने प्रस्तावित परियोजनाओं पर वरिष्ठ अधिकारियों संग की चर्चा, जारी की डेडलाइन

शिमला  – राज्य सरकार की हवा में लटकी पर्यटन की योजनाओं पर मुख्य सचिव ने संबंधित विभागों की जवाबदेही तय करने के आदेश जारी किए हैं। उन्होंने पर्यटन विभाग की सभी योजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए डेडलाइन जारी की है। इसके लिए उन्होंने पर्यटन विभाग के अलावा परियोजना से संबंधित दूसरे अफसरों को भी जवाबदेह बनाया है। इस संदर्भ में मुख्य सचिव डा. श्रीकांत बाल्दी ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। सचिवालय में आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्य सचिव ने प्रदेश में विभिन्न प्रस्तावित पर्यटन परियोजनाओं की समीक्षा की तथा कहा कि प्रदेश में पर्याप्त स्थानों में सुंदर प्राकृतिक स्थल हैं। इन स्थलों को पर्यटन की दृष्टि से विकसित किया जा सकता है और यह कार्य विभाग का है कि वह पर्यटक स्थलों को विकसित कर सुनिश्चित करें कि वह प्रत्येक पर्यटक के लिए पसंदीदा गंतव्य बन सके। प्रदेश में साहसिक पर्यटक गंतव्य विकसित करने के लिए उन्होंने संबंधित अधिकारियों को ऐसे स्थलों को चिन्हित करने के निर्देश दिए, जहां स्कीइंग तथा पैराग्लाइडिंग जैसे साहसिक खेलों की संभावनाएं हों। उन्होंने संबंधित अधिकारी को बुलाह कटारू को पर्यावरण पर्यटन की दृष्टि से तथा आसपास के क्षेत्रों को स्कीइंग स्थल के रूप में विकसित करने के लिए निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नई राहें नई मंजिलें योजना के तहत चांशल क्षेत्र को स्कीइंग गंतव्य के रूप में विकसित करने के लिए एक एकीकृत योजना बनाने के निर्देश दिए। बैठक में यह भी बताया कि विभिन्न पर्यटन परियोजनाओं के विकास पर नाचन में 2.82 करोड़ और जंजैहली में 2.50 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं। जिला मंडी को अध्यात्मिक गंतव्य के रूप में विकसित करने के लिए डा. बाल्दी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि चिन्हित स्थान पर शिवधाम का कार्य शुरू किया जाए। बैंटनी कैसल शिमला के कार्य की प्रगति की समीक्षा करते हुए बताया कि यह स्थान वास्तविक रूप से पर्यटन आधारित म्यूजियम के रूप में विकसित होगा। उन्होंने निर्देश दिए कि क्यारीघाट में बनने वाले सम्मेलन सेंटर के कार्य में पर्यटन के लिए अधोसंरचना विकास निवेश परियोजना हिमाचल प्रदेश तेजी लाए और इसे निर्धारित समय में पूरा करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने मनाली के बडाग्रां को लाइट और साउंड शो आयोजित करने वाले गंतव्य के रूप में विकसित करए इस स्थान पर स्थानीय लोक नृत्य और स्थानीय व्यंजन उपलब्ध करवाए जाने के निर्देश दिए। निदेशक पर्यटन विभाग यूनुस ने विभाग द्वारा शुरू किए गए विभिन्न पर्यटन परियोजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। प्रशासनिक सचिव, विभागाध्यक्ष और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में उपस्थित थे।

वार्षिक पक्षी महोत्सव का प्रस्ताव

बैठक में पौंग बांध जलाश्य में पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए वार्षिक पक्षी महोत्सव आयोजित करने का भी प्रस्ताव रखा गया। डा. बाल्दी ने कहा कि डिवेलपर्ज की सुगमता के लिए रज्जू मार्ग दिशा-निर्देशों में संशोधन किया गया है। उन्होंने डिवेलपर्ज को राज्य में विभिन्न रज्जू मार्गों के कार्यों को शीघ्र आरंभ कर निर्धारित समयावधि में पूर्ण करने के निर्देश दिए। नारकंडा रज्जू मार्ग परियोजना को रज्जू मार्ग निगम द्वारा सार्वजनिक निजी साझेदारी व बाहरी सहायता प्राप्त परियोजना और हिमाचल अधोसंरचना विकास बोर्ड शिकारी देवी रज्जू मार्ग की फिजीबिल्टी रिपोर्ट उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए।

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