डीसी शिमला की सीएम से कंप्लेंट

निगम महापौर के दफ्तर से सामान निकालने पर बढ़ा विवाद

शिमला – नगर निगम शिमला की महापौर कुसुम सदरेट की गैरहाजिरी में उनके पुराने कार्यालय से जिला प्रशासन द्वारा सामान निकालने व कमरे पर ताला लगाने का निगम प्रशासन ने कड़ा विरोध किया है। इस मामले को लेकर सोमवार को मेयर सहित पाषर्दों ने मुख्यमंत्री से मामले की शिकायत की है। सीएम ने भी इस मामले की उचित जांच करने का आश्वासन दिया है। नगर निगम मेयर का मानना है कि उनकी गैरहाजिरी में इस तरह से उनके सामान को बाहर निकालना गलत है। इस पर उचित कार्रवाई होनी चाहिए। ऐसे में अब मेयर के पुराने दफ्तर का ताला तोड़कर सामान बाहर करने के मामले पर राजनीति गरमा गई है। इस मामले में मुकदमा दर्ज करने और डीसी के तबादले पर पार्षद अड़ गए हैं। बता दें कि जिला प्रशासन की कार्रवाई के खिलाफ महापौर कुसुम सदरेट ने रविवार को भी पार्षदों की आपात बैठक बुलाई थी। इस मामले पर नगर निगम आयुक्त पंकज राय ने भी सवाल उठाए हैं। इस संबंध में कुसुम सदरेट का कहना है कि उनकी अनुपस्थिति में जिला प्रशासन द्वारा किए गए इस तरह के  कार्य की वह निंदा करती हैं। अब पार्षदों ने इस मामले में उचित कार्रवाई की मांग की है। साथ ही वे उपायुक्त के तबादले पर अड़ गए हैं। सोमवार को मेयर की अगवाई में सुबह सभी पार्षद सीएम जयराम ठाकुर से मिले। वही, मुख्यमंत्री ने भी इस मामले की जांच करने के आदेश जारी कर दिए हैं।

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