…तो कहीं और बनेगा शिवधाम

कांगणीधार जंगल में जनता के विरोध के बाद सरकार नई जमीन की तलाश में

मंडी –कांगणीधार जंगल को बचाने के लिए जनता द्वारा आवाज उठाने के बाद मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने भी इसे सही ठहराया है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार भी पूरी तरह से इसी पक्ष में है कि कांगणीधार जंगल का अधिक से अधिक संरक्षण किया जाए। पूरे प्रदेश में सरकार पर्यावरण को ध्यान में रखकर ही हर परियोजना को आगे बढ़ा रही है। उन्हांेने कहा कि मंडी शहर में महत्त्वाकांक्षी शिवधाम के लिए कांगणी का चयन किया गया है, लेकिन यहां पर पर्यावरण को देखते हुए इस पर पुनर्विचार किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि हालांकि जिस जगह शिवधाम को प्रस्तावित किया गया है, वहां कांगणी में घना जंगल तो नहीं है, लेकिन यह मंडी शहर के पास है और शहर के पास की हरियाली से छेड़छाड़ नहीं की जानी चाहिए। इसे देखते हुए मंडी शहर में ही अगर शिवधाम परियोजना के लिए कोई दूसरी जगह उपलब्ध होती है तो कांगणी से इसे बदला जा सकता है। उन्होंने कहा कि कांगणीधार जंगल में किसी भी अन्य विभाग को कोई जगह नहीं दी जाएगी।  गौरतलब है कि मंडी को शिवधाम बनाने के लिए राज्य सरकार एक महत्त्वाकांक्षी प्रोजेक्ट को यहां स्थापित करने जा रही है, जिससे शिव की नगरी में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिल सके, जबकि शहर के कई संगठन इस पक्ष में हैं कि शिवधाम को कांगणीधार की जगह कहीं और बनाया जाए, ताकि कांगणीधार जंगल को कोई नुकसान नहीं पहुंचे।

रंग-बिरंगी पतंगों से भरा आसमान

मंडी । छोटी काशी महोत्सव के दूसरे दिन आयोजित काइट फेस्ट (पतंगबाजी उत्सव) में मंडीवासियों ने पतंगबाजी का मजा लिया। दोपहर बाद दो बजे पड्डल मैदान में हुए इस आयोजन में पतंगबाजी के शौकीन लोगों विशेषकर युवाओं ने पूरे उत्साह और उमंग से भाग लिया। आयोजन को लेकर सुबह से ही पड्डल मैदान में लोग जुटने लगे थे। खासतौर पर युवाओं में इसे लेकर बेहद उत्साह था। इस दौरान मंडीवासियों ने पतंगबाजी का भरपूर लुत्फ उठाया। दोपहर बाद यहां आसमान रंग-बिरंगी पतंगों से भरा रहा। इस मौके पर अतिरिक्त उपायुक्त आशुतोष गर्ग ने कहा कि छोटी काशी महोत्सव में किए जा रहे विभिन्न आयोजनों के बीच काइट फेस्ट का मकसद उत्सव के इस माहौल में मंडीवासियों के लिए आनंद का एक और मौका मुहैया करवाना था।

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