त्योहार पर घुलेगी चीनी की मिठास

प्रदेश सरकार देगी 100 ग्राम प्रति व्यक्ति मिलेगी अतिरिक्त, कैबिनेट में मुहर लगने के बाद उपभोक्ताओं को मिलेगी सौगात

शिमला – इस दिवाली पर भी सरकार सभी का मुंह मीठा करेगी। प्रदेश के राशन कार्ड धारकों को 100 ग्राम प्रति व्यक्ति अतिरिक्त चीनी दी जाएगी, जिसके लिए अतिरिक्त कोटे की व्यवस्था की जा रही है। वैसे प्रति व्यक्ति 250 ग्राम चीनी मिलती है, जो त्योहार में बढ़ेगी। सूत्रों के अनुसार खाद्य नागरिक आपूर्ति विभाग ने ऐसा प्रस्ताव सरकार को भेज दिया है, क्योंकि इसी महीने दीपावली का त्योहार आना है, लिहाजा समय पर चीनी के अतिरिक्त कोटे की व्यवस्था करनी होगी। डिपुओं में लोगों को जल्द ही यह अतिरिक्त कोटा प्रदान किया जाएगा। मामला कैबिनेट में भेजा जाएगा, परंतु कैबिनेट बैठक अभी तय नहीं है। लिहाजा कैबिनेट के हस्ताक्षर के माध्यम से ही इस पर फैसला हो जाएगा। हर साल सरकार त्योहार पर अतिरिक्त चीनी लोगों को देती है। यह रिवायत लंबे समय से चलती आ रही है और इसे जयराम सरकार भी पूरा करेगी। प्रति व्यक्ति 100 ग्राम अतिरिक्त चीनी उपलब्ध करवाई जाएगी। इस बार डिपुओं में चीनी की कमी नहीं है। हालांकि पिछले महीनों में चीनी यहां पर नहीं मिल पा रही थी। यदि दीपावली से पहले सरकार अतिरिक्त चीनी नहीं दे पाई, तो उसे अगले महीने के कोटे में भी दिया जा सकता है। अभी डिपुओं में दालों की खासी कमी चल रही है। डिपुओं में दाल नहीं है और लोग अब शिकायतें करने लगे हैं। विभाग के मुताबिक दालों का कोटा जल्द ही पहुंच जाएगा, जिसमें फिलहाल समय लग रहा है।

दालों, तेल के लांग टर्म टेंडर पर बन रहा प्लान

सरकार दालों, चीनी व तेल के लिए लांग टर्म टेंडर करने की सोच रही है। दालों की सप्लाई केंद्रीय एजेंसियों के माध्यम से की जाती है, जिसमें अब चिंता नहीं रही है, मगर चीनी व तेल के लिए दिक्कत पेश आती है। लांग टर्म टेंडर से राहत मिलेगी अन्यथा यहां डिपुओं में कभी कुछ, तो कभी कुछ खत्म हो रहा है। पिछले दो महीने से इस तरह की समस्या सरकारी राशन की दुकानों में पेश आ रही है। इस त्योहारों के सीजन में अभी तक लोगों को दालें नहीं मिल पाई हैं।

सबसिडी के लिए केंद्र को लिखा पत्र

उधर, प्रदेश सरकार ने दालों की केंद्रीय सबसिडी को लेकर भी केंद्र सरकार को लिखा है। फिलहाल अक्तूबर महीने तक तो यह सबसिडी जारी है, लेकिन नवंबर महीने में यह जारी रहेगी या नहीं, यह कहा नहीं जा सकता। वैसे राज्य सरकार अपनी ओर से इसके लिए प्रयास कर रही है, क्योंकि केंद्रीय सबसिडी खत्म हुई, तो यहां पर डिपुओं पर मिलने वाली दालें महंगी हो जाएंगी।

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