दूसरी राजधानी की क्या जरूरत

पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार बोले; उपचुनावों में बेवजह मुद्दा बना रहा विपक्ष, राजनीतिक उत्तराधिकारी बनाने की परंपरा को बताया घातक

धर्मशाला  –  पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार ने विधानसभा उपचुनाव से पहले दूसरी राजधानी के सवाल पर बयान देकर बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। उन्होंने कहा कि देश की राजधानी एक है, तो छोटे से प्रदेश की दो राजधानियां होने की क्या आवश्यकता है, जबकि उपचुनाव में विपक्ष इसे बड़ा मुद्दा बनाकर भुना रहा है। पिछले कार्यकाल में पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने धर्मशाला को दूसरी राजधानी बनाने की बाकायदा अधिसूचना जारी कर दी है। कांग्रेस भाजपा से पहले ही इस मुद्दे पर स्थिति स्पष्ट करने की बात कर रही है। शांता ने राजनीतिक उत्तराधिकारी बनाने की परंपरा को लोकतंत्र के लिए घातक बताते हुए कहा कि उन्हें बहुत से लोग सवाल करते हैं कि वह अपना राजनीतिक उत्तराधिकारी किसे बना रहे हैं, लेकिन परिवारवाद और उत्तराधिकारी बनाने का विषय सबसे घातक है। राजनीति उनकी जमीन या जायदाद नहीं है, शांता ने कहा कि उनका एक होटल है, जिसका उत्तराधिकारी उनका बेटा है। इसके अलावा राजनीति में उत्तराधिकारी जनता तय करती है। शांता कुमार ने कहा कि उन्हें कांग्रेस से हमदर्दी है। विपक्ष की हालत पर दुख हो रहा है। देश में अच्छा विपक्ष होना बहुत जरूरी है और कांग्रेस राष्ट्रीय पार्टी होने के नाते एक अच्छा विकल्प थी, लेकिन मौजूदा दौर में कांग्रेस हैडलैस हो गई है। जिस अध्यक्ष से कांग्रेस ने उम्मीद लगा रखी थी, वह चुनाव में हार के बाद त्यागपत्र देकर भाग गए।  इस मौके पर बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष सतपाल सत्तीए उद्योग मंत्री बिक्त्रम ठाकुर, सांसद किशन कपूर, प्रदेश सह मीडिया प्रभारी राकेश शर्मा और संजय शर्मा भी मौजूद रहे।

हां, धर्मशाला के विकास में रह गई कमी

धर्मशाला की खुशनसीबी है कि एक माह के भीतर दो बड़े कार्यक्रम हो रहे हैं। सात व आठ नवंबर को इन्वेस्टर्स मीट और उससे पहले 21 अक्तूबर को वोटर मीट। शांता कुमार ने माना कि नगर निगम सहित अन्य कुछ मुद्दों पर धर्मशाला के विकास में कमियां रही हैं और इन्हें जल्द दूर किया जाएगा। उपचुनाव के बाद सरकार इस पर विशेष ध्यान देगी।

समझदार हैं धर्मशाला के लोग, सहीं वोट करेंगे

उपचुनाव पर शांता कुमार ने कहा कि धर्मशाला में बुद्धिजीवी और प्रबुद्ध मतदाता बसते हैं, इसलिए जाति और वर्ग के आधार पर वोट नहीं डालेगा। जिला कांगड़ा की जनता ने जातिवाद और वर्गवाद को नकारकर बीजेपी को जीत दिलाई थी। हालांकि लोकसभा चुनाव से पहले लगा था कि वर्ग विशेष की बहुलता वाले क्षेत्रों में भाजपा पिछड़ सकती है, लेकिन प्रबुद्ध जनता ने अपना दृष्टिकोण साफ कर बीजेपी को जीत दिलाई। उपचुनाव में जनता भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में मतदान करेगी।

लिट फेस्ट के विवाद से चिंता में

कसौली में हुए लिट फेस्ट के दौरान उठे विवाद से पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार चिंतित हैं। उन्होंने कहा कि वह चाहते हैं कि हिमाचल में ऐसे कार्यक्रम बड़े स्तर पर हों, लेकिन किसी तरह से संवाद में विवाद नहीं बनने चाहिए।

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