दो महीने में ही प्रतिनियुक्ति से लौट आए अनिल खाची

वर्ष 1986 बैच के आईएएस अधिकारी अगले मुख्य सचिव के तौर पर माने जा रहे मजबूत दावेदार

शिमला – जुलाई, 2019 में पारिवारिक कारणों का हवाला देकर केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर गए हिमाचल काडर के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी दो माह बाद ही हिमाचल लौट आए हैं। राज्य सरकार के बिना बुलावे के हिमाचल लौटे अनिल खाची अब अगले मुख्य सचिव की रेस में प्रबल दावेदार बन गए हैं। हालांकि राज्य सरकार की नाराजगी के बावजूद केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर गए अनिल खाची की ताजपोशी में कई सियासी अड़चनें आ सकती हैं। पुख्ता सूचना के अनुसार अनिल खाची ने अपने निजी कारणों का हवाला देते हुए भारत सरकार से हिमाचल काडर में लौटने का आग्रह किया था। दो माह के भीतर अनिल खाची की वापसी से हिमाचल के प्रशासनिक अमले में जबरदस्त उठापटक शुरू हो गई है। जाहिर है कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के बेहद करीबी डा. श्रीकांत बाल्दी एक 31 दिसंबर, 2019 को रिटायर हो रहे हैं। इस कारण दो महीने बाद एक जनवरी को हिमाचल के नए मुख्य सचिव की ताजपोशी प्रस्तावित है। इसके लिए मौजूदा ब्यूरोक्रेसी के सीनियर मोस्ट ब्यूरोक्रेट वर्ष 1987 बैच के रामसुभग सिंह प्रबल दावेदार हैं। अब अनिल खाची के लौट आने से रामसुभग सिंह की दावेदारी कमजोर पड़ गई है।

केंद्रीय कार्मिक मंत्रालय ने रिलीव किए अनिल खाची

केंद्रीय कार्मिक मंत्रालय ने मंगलवार को अनिल खाची को डिपार्टमेंट से रिलीव कर दिया है। हालांकि अनिल खाची तीन दिन पहले शिमला लौट आए थे। अब वह जल्द ही हिमाचल सरकार में अपनी ज्वाइनिंग देंगे।

अब डेपुटेशन पर नहीं जा सकेंगे अफसर

खुद के आग्रह से लौटे आईएएस अधिकारी अनिल खाची अब निकट भविष्य में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर नहीं जा सकेंगे। नियमों के तहत अब वह सेंट्रल डेपुटेशन के लिए डिबार हो गए हैं। अगर राज्य सरकार उन्हें मुख्य सचिव पद पर तैनात करती है तो उन्हें केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने की जरूरत

भी नहीं रहेगी।

रिटायरमेंट के बाद डा. बाल्दी की रेरा में स्थायी नियुक्ति तय

रिटायरमेंट के तुरंत बाद डा. श्रीकांत बाल्दी की रेरा में स्थायी नियुक्ति तय है। इस कारण जयराम सरकार डा. बाल्दी के सेवाविस्तार को लेकर अब गंभीर नहीं दिख रही है। हालांकि पहले यह चर्चा थी कि राज्य सरकार डा. श्रीकांत बाल्दी के तीन से छह महीने के सेवाविस्तार का मामला भारत सरकार को भेज सकती है।

महाराष्ट्र चले कदम, प्रदीप देखेंगे स्मार्ट सिटी धर्मशाला

शिमला – हिमाचल काडर के वर्ष 2008 बैच के आईएएस अधिकारी कदम संदीप वसंत महाराष्ट्र जा रहे हैं। प्रदेश सरकार ने उनका इंटर स्टेट कॉडर मंजूर कर दिया है। वर्तमान में वह धर्मशाला स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के एमडी कम सीईओ हैं, जिनको महाराष्ट्र सरकार में सेवाएं देने के लिए मंजूरी मिल गई है। कदम संदीप वसंत तीन साल के लिए दूसरे राज्य में सेवाएं देने के लिए जा रहे हैं। बताया जाता है कि इसके पीछे उनके पारिवारिक कारण है जिन्हें देखते हुए प्रदेश सरकार ने उनके आवेदन को माना है। उनकी जगह पर अब एचएएस अधिकारी प्रदीप कुमार ठाकुर स्मार्ट सिटी धर्मशाला के एमडी व सीईओ का अतिरिक्त कामकाज देखेंगे।

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