नई विदेश व्यापार नीति सरल

नई दिल्ली – वाणिज्य मंत्रालय अगली विदेश व्यापार नीति में ‘पूंजीगत सामानों के निर्यात प्रोत्साहन’ (ईपीसीजी) जैसी कुछ निर्यात संवर्द्धन योजनाओं को युक्तिसंगत और सरल बनाने पर विचार कर रहा है। नई नीति में निर्यात बढ़ाने के लिए दिशा-निर्देश और प्रोत्साहन उपलब्ध कराए जाएंगे। अधिकारियों ने बताया कि मंत्रालय अगली नीति (2020-25) तैयार करने के लिए सभी हितधारकों से बातचीत कर रहा है। मौजूदा नीति की समयसीमा 31 मार्च 2020 तक है। नई नीति में अग्रिम अनुमति और स्वर् प्रमाणीकरण योजना के अलावा मंत्रालय सेवा क्षेत्र और ई-वाणज्यि निर्यात के नए अध्याय इसमें डाल सकता है। ईपीसीजी एक निर्यात प्रोत्साहन योजना है, जिसमें किसी निर्यातक को शून्य शुल्क पर निश्चित सीमा तक आयात करने की छूट मिलती है। यह आयात, निर्यात से जुड़ी प्रौद्योगिकी की बेहतरी के लिए किया जाना चाहिए। दूसरी तरफ अग्रिम पर तौर पर अधिकृत करने की सुविधा उन सामानों के शुल्क रहित आयात की अनुमति के लिए दी जाती है, जिनका उपयोग कर निर्यात वस्तु बनाई जानी है। निर्यात की जाने वाली वस्तु में यह शुल्क जुड़ा होता है। निर्यात उन्मुख इकाइयों के लिए मंत्रालय नीति, विनियम और प्रशासनिक ढांचे को एक ही छत के नीचे ला सकता है। मंत्रालय का विदेश व्यापार महानिदेशालय इस नीति को तैयार कर रहा है।

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