नैक दौरे से पहले कालेजों में दबिश देंगे अफसर

शिक्षा विभाग के अधिकारी एक महीना पहले करेंगे निरीक्षण, संस्थानों को बताएंगे क्या हैं कमियां

शिमला – हिमाचल प्रदेश के कालेजों में अब प्री-नैक के जरिए शिक्षा विभाग के अधिकारी छापा मारेंगे। प्रदेश उच्च शिक्षा विभाग पहली बार यह तकरीब अपनाने जा रहा है। जानकारी मिली है कि शिक्षा विभाग के वरिष्ठ शिक्षाविद नैक दौरे से एक माह पहले कालेजों में छापा मारेंगे। इस दौरान नेक दौरे की तरह कालेजों में जा कर हर सुरक्षा व्यवस्था को जांचा जाएगा। वहीं कालेजों में सुविधाओं को आंकने के बाद शिक्षाविद कालेजों को ग्रेडिंग भी देंगे। ग्रेडिंग के माध्यम से कालेजों को उनकी कमियां व क्या सुधार करने चाहिए, इस बारे में टिप्स दिए जाएंगे। बता दें कि प्रदेश के लगभग 36 कालेजों को नैक दौरा इन दिनों कभी भी हो सकता है। ऐसे में शिक्षा विभाग ने पहली बार  यह फैसला लिया है कि कालेजों में नैक टीम आने से पहले प्री-नैक करवाया जाएगा। इसके लिए शिक्षा विभाग जल्द शिक्षाविदों की टीम गठित करेगा। अहम यह है कि प्री-नैक का दौरा कालेज प्रबंधन को बिना बताए होगा। हालांकि कालेजों को ग्रेड देने के बाद उनकी कमियों को कैसे सुधारा जा सकता है, इस बारे में प्रधानाचार्य और शिक्षकों को भी टिप्स दिए जाएंगे। बता दें कि शिक्षकों को कक्षाओं में स्मार्ट कक्षाओं में पढ़ाने के तरीके और किस ‘लर्निंग आउट कम्स’ के पढ़ाने से छात्रों का रिजल्ट बेहतर आ सकता है, इस बारे में भी बताया जाएगा। वहीं कालेजों में ऑनलाइन सिस्टम को शिक्षक सही तरीके से पढ़ाई के लिए इस्तेमाल कर सकें, इस बारे में भी प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि नैक दौरे के दौरान रिजल्ट बेहतर होने पर अच्छे अंक कालेज ले सकें। अहम यह है कि शिक्षा विभाग प्री-नैक की जो टीम गठित करेगा, उसमें वे अधिकारी शामिल होंगे, जो पहले भी नैक के निरीक्षण के दौरान कालेजों में जा चुके हैं। ऐसे में शिक्षा विभाग ने साफ किया है कि प्री-नैक के जरिए कालेजों को इन्फ्रास्ट्रक्चर बेहतर करने के बारे में भी प्रशिक्षण किया जाएगा। विभाग की योजना यह भी है कि जिलों में जॉन वाइज भी कालेजों को बेहतर ग्रेड दिलवाने के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा।

प्रधानाचार्यों को निदेशालय भेजनी होगी रिपोर्ट

हर कालेज के पिं्रसीपल को प्री-नैक की टीम के साथ दूसरे कालेजों में नैक दौरे में भेजा जाएगा। ऐसे प्रधानाचार्यों को शिक्षा विभाग को बताना होगा कि नैक दौरे के दौरान बेहतर अंक लेने के लिए उन्होंने क्या सीखा। यह सारी जानकारी प्रधानाचार्यों को लिखित में निदेशालय भेजनी होगी।

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