पहली गिरफ्तारी की तैयारी में सीबीआई

स्कॉलरशिप घोटाले में निजी संस्थान के मुखिया को पकड़ सकती है जांच एजेंसी, अदालत में चार्जशीट से पहले गिरेगी गाज

शिमला – स्कॉलरशिप घोटाले में सीबीआई पहली गिरफ्तारी की तैयारी में है। सीबीआई पहली चार्जशीट अदालत में पेश करने से पहले एक निजी संस्थान के मुखिया को दबोच सकती है, जिसके खिलाफ उसके पास पर्याप्त सुबूत मौजूद हैं। सूत्रों के अनुसार सीबीआई की तैयार की गई चार्जशीट में भी उस निजी शिक्षण संस्थान के मुखिया को नामजद किया गया है। चार्जशीट दायर होने से पहले इसकी गिरफ्तारी संभव है। वैसे सीबीआई की चार्जशीट में बैंक अधिकारी, शिक्षा विभाग के कर्मचारी समेत कई लोगों का जिक्र है, लेकिन निजी शिक्षण संस्थान के मुखिया को पहले दबोचा जा सकता है। उसके बाद चार्जशीट में नामजद अन्य कर्मचारी भी हिरासत में होंगे। सीबीआई ने ऊना के पंडोगा और नवांशहर के  निजी शिक्षण संस्थानों को अपने राडार पर लिया है। सीबीआई की तैयार की गई चार्जशीट में बैंक, शिक्षा विभाग और निजी शिक्षण संस्थान के आधा दर्जन कर्मचारी नामजद किए गए हैं। सीबीआई इसी माह निजी शिक्षण संस्थान के खिलाफ चार्जशीट को अदालत में दायर कर देगी। चूंकि सीबीआई जांच में सामने आया है कि एससी, एसटी और ओबीसी के मेधावी छात्रों की छात्रवृत्तियां निजी संस्थान डकार गए। मैट्रिक और पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्तियां छात्रों की फर्जी दाखिले से हड़पे गए। निजी शिक्षण संस्थानों ने छात्रवृत्ति हड़पने के लिए छात्रों की जाति ही बदल दी। छात्रवृत्ति की रकम ज्यादा हड़पने के लिए अनुसूचित जाति (एसी) के छात्रों को अनुसूचित जनजाति (एसटी) का फर्जी छात्र बनाया गया। छात्रों की जाति बदलकर छात्रवृत्ति हड़पने का यह खेल इसलिए खेला गया, क्योंकि एसटी के छात्रों को एससी के छात्र से दोगुनी छात्रवृत्ति मिलती है। अनुसूचित जाति के छात्र को 50,000 और अनुसूचित जनजाति के छात्र को 98,000 रुपए की छात्रवृत्ति मिलती है। संस्थान में छात्रवृत्ति की रकम ज्यादा हड़पने के लिए छात्रों की न केवल जाति ही बदल दी, बल्कि छात्रों के विषय (संकाय) तक बदल दिए। संस्थान छोड़ चुके छात्रों को संस्थान का फर्जी छात्र दिखाकर और उनके विषय बदलकर छात्रवृत्तियां हड़पी गई। यही नहीं, छात्रवृत्तियां हड़पने के लिए डे-स्कॉलर छात्र को होस्टलियर छात्र दर्शाया गया। साथ ही उनके सारे दस्तावेज ही फर्जी बनाकर छात्रवृत्ति की रकम डकार ली गई।

दाखिला मिला नहीं, दस्तावेज रख लिए

सामने आ रहा है कि कुछ संस्थानों ने उन छात्रों के दस्तावेज भी अपने पास रख लिए, जिन्हें काउंसिलिंग के बाद एडिमशन नहीं मिली। इन संस्थानों में हिमाचल से कई छात्र एडमिशन के लिए गए थे, लेकिन बाद में इन छात्रों को एडमिशन नहीं मिल पाई। कई छात्रों ने दूसरे संस्थानों का रुख किया, लेकिन संस्थानों ने इनके दस्तावेजों की कॉपियां अपने पास रख दीं।

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