पीजीआई में ऑपरेशन थियेटर के सामने बन रहे परांठे

नेहरू हास्पिटल के फोर्थ फ्लोर पर मरीजों की सेहत पर मंडरा रहा खतरा; धुएं से बढ़ रही खांसी, परिजन परेशान

चंडीगढ़ -पीजीआई नेहरू हास्पिटल के फोर्थ फ्लोर पर ओटी और सर्जिकल महिला वार्ड में भर्ती मरीज किचन के धुएं से परेशान हैं। इस फ्लोर पर संचालित कैंटीन में मानक को दरकिनार कर बिना अनुमति के ओटी और वार्ड के सामने किचन में खाना बनाया जा रहा है। इससे गंभीर मरीजों पर संक्रमण का खतरा मंडरा रहा है, लेकिन पीजीआई में कैंटीन संचालक मनमानी कर रहा है। उस फ्लोर पर ड्यूटी करने वाले कर्मचारियों के साथ ही ओटी और वार्ड के डाक्टर भी इसे गलत ठहरा रहे हैं। वहीं, सर्जरी के मरीजों के परिजनों का कहना है कि धुएं से खांसी हो रही है, जिससे मरीज को भयंकर दर्द झेलना पड़ता है। चौंकाने वाली बात यह है कि इस मामले पर पीजीआई प्रशासन चंद हजार रुपयों की पैनल्टी की बात कहकर पल्ला झाड़ रहा है। फोर्थ फ्लोर पर संचालित कैंटीन से मरीजों के स्वास्थ्य को भी दरकिनार किया जा रहा है। आलम यह है कि कैंटीन के बगल के खाली एक रूम को किचन बनाकर वहां दिनभर खाना बनाया जा रहा है। आलू, गोभी, और मिक्स परांठा के साथ ही पूरियां तली जा रही हैं। इससे निकलने वाला धुंआ सीधे ओटी और महिला सर्जिकल वार्ड में जा रहा है। इसे लेकर कई मरीजों के परिजनों ने डाक्टरों से शिकायत भी की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। बता दें कि दिव्य हिमाचल ने बुधवार को भी पीजीआई में मरीजों को आ रही भारी परेशानियों के बारे में उजागर किया था। मरीजों को हो रही दिक्कतों से मरीज ही नहीं बल्कि आए हुए परिजनों को भी भारी परेशानी झेलनी पड़ती है।

तीन महीने में दो बार लग चुका है जुर्माना

बी ब्लॉक की इस कैंटीन की मनमानी इस कदर हावी है कि पीजीआई प्रशासन भी उस पर रोक लगाने में असमर्थ साबित हो रहा है। इस कैंटीन पर तीन महीने में दो बार गलत तरीके से काम किए जाने के शिकायत पर पैनल्टी भी लगाई जा चुकी है। पहली पैनल्टी 24 मई नौ हजार 220 रुपए की और दूसरी 31 जुलाई को 12 हजार 830 रुपए की लगाई गई थी। बार-बार की शिकायत और पैनल्टी के बावजूद उसके टेंडर को रद्द नहीं किया जा रहा।

 अनुमति सिर्फ  चाय और स्नैक्स की

टेंडर में तय किए गए मानकों के अनुसार इस कैंटीन में सिर्फ चाय और स्नैक्स बेचने की अनुमति है। लेकिन उस मानक की धज्जियां उड़ाते हुए वहां दाल, चावल, कड़ी, अंडा, पनीर, आलू की पूरी और लगभग सभी फूड आइटम बेचे जा रहे हैं। इतना ही नहीं चाय और स्नैक्स के तय रेट से भी ज्यादा पैसे वसूले जा रहे हैं।

 

 

 

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