बंदला घाटी में पैराग्लाइडिंग एक्रो कंपीटीशन नवंबर में

बिलासपुर – थल, जल व नभ क्रीड़ाओं के लिए मनमाफिक परिस्थितियों वाले बिलासपुर में जल्द ही देश के पहले नेशनल पैराग्लाइडिंग एक्रो कंपीटीशन के आयोजन को लेकर तैयारी चल रही है। इसमें हिमाचल समेत देश के अन्य राज्यों के पैराग्लाइडर पायलट आसमान में हैरतअंगेज कारनामे दिखाते नजर आएंगे। इस इवेंट के लिए बिलासपुर की बंदला पहाड़ी पर पैराग्लाइडिंग टेक ऑफ  साइट को विकसित किया जा रहा है। पिछले दिनों विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बंदला पहंुचे सदर के विधायक सुभाष ठाकुर ने इस साइट को एक सप्ताह के भीतर डिवेलप करने के निर्देश दिए थे। अब रविवार को बंदला मंे जिला प्रशासन और पर्यटन अफसरों के साइट विजिट के बाद अगली योजना पर काम शुरू होगा। टेक ऑफ  साइट को हरी झंडी मिलने के बाद नवंबर माह में एक्रो कंपीटीशन के आयोजन की उम्मीद है। यहां बता दें कि बिलासपुर की बंदला पहाड़ी पैराग्लाइडिंग की सोलो व टेंडम फ्लाइट्स के साथ ही एसआईवी (एडवांस) कोर्स के लिए पूरी तरह से अनुकूल है। लुहणू में लैंडिंग ग्राउंड के साथ पानी से लबालब गोबिंदसागर जलाशय है। एसआईवी कोर्स में पैराग्लाइडिंग पायलट कई जोखिम भरी एक्टिविटीज करते हैं। ऐसे में गोबिंदसागर के ऊपर इस तरह की एक्टिविटीज बिना किसी डर या झिझक के की जा सकती हैं। पूरे देश में इस तरह की सुविधा केवल बिलासपुर में ही है। यही वजह है कि अन्य राज्यों में चल रहे पैराग्लाइडिंग स्कूल भी अपने प्रशिक्षुओं को एसआईवी कोर्स के लिए बिलासपुर ही लेकर आते हैं। बरसात के मौसम में बंदला में टेक ऑफ  प्वाइंट को काफी नुकसान पहंुचा है। लिहाजा बिलासपुर को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने के लिए लगातार प्रयास कर रहे विधायक सुभाष ठाकुर ने इस साइट का मुआयना किया। हिमाचल पैराग्लाइडिंग एसोसिएशन के नुमाइंदों के साथ चर्चा के बाद उन्होंने पीडब्ल्यूडी व वन विभाग के अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर साइट डिवेलप करने के निर्देश दिए थे। उधर, विधायक सुभाष ठाकुर की मानें तो बिलासपुर को स्पोर्ट्स हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां साहसिक खेलों की भी अपार संभावनाएं हैं। पर्यटन विभाग की टेक्निकल टीम 20 अक्तूबर को बंदला में पैराग्लाइडिंग टेक ऑफ  साइट का इंस्पेक्शन करेगी। उन्हें पूरी उम्मीद है कि इस साइट को हरी झंडी मिल जाएगी। उसके बाद नवंबर माह में पैराग्लाइडिंग एक्रो कंपीटिशन के आयोजन का प्रयास किया जाएगा। इसमें अनुभवी पैराग्लाइडर पायलट आसमान में लूप, टंबल, सैट, हेलिको, जोकर व इन्फिनिटी जैसी हैरतअंगेज एक्टिविटीज करेंगे। उन्होंने बंदला के लोगों से भी आह्वान किया है कि वे टेक ऑफ  साइट तक सड़क के निर्माण के लिए भूमि उपलब्ध कराएं। सड़क सुविधा इस क्षेत्र को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने में अहम भूमिका निभाएगी। इससे उनके लिए भी रोजगार के कई साधन विकसित होंगे।

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