बांग्लादेश का भारत दौरा खटाई में

11 मांगों को लेकर शाकिब-अल-हसन समेत कई क्रिकेटरों ने किया बायकॉट का ऐलान

नई दिल्ली – बांग्लादेशी क्रिकेट टीम के भारत दौरे पर संशय के बादल छा गए हैं। बांग्लादेशी क्रिकेटरों ने क्रिकेट का बायकॉट (बहिष्कार) करने का फैसला किया है। उनका कहना है कि जब तक उनकी मांगे नहीं मानी जाती तब तक वह किसी भी क्रिकेट टूर्नामेंट में हिस्सा नहीं लेंगे। क्रिकइन्फो के अनुसार बांग्लादेशी क्रिकेटरों ने इसका का ऐलान एक प्रेस कान्फ्रेंस में किया, जिसमें बांग्लादेश की टेस्ट और टी-20 इंटरनेशनल टीम के कप्तान शाकिब अल हसन और महमुदुल्लाह जैसे सीनियर क्रिकेटर भी शामिल थे। खिलाडि़यों के बॉयकट करने से नेशनल क्रिकेट लीग, भारत सीरीज के लिए जारी ट्रेनिंग कैंप और इंटरनेशनल टीम का भारत दौरा खटाई में पड़ता दिख रहा है। क्रिकेटरों के विरोध की शुरुआत पिछले महीने बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के उस फैसले से हुई, जिसमें बांग्लादेश प्रीमियर लीग के फ्रेंचाइजी आधारित मॉडल को समाप्त कर दिया गया था और टीम में एक लेग स्पिनर अनिवार्य कर दिया। इसके साथ ही फर्स्ट क्लास के लिए फीस भी नहीं बढ़ाई गई, तो खिलाडि़यों ने अपनी मांगों की लिस्ट बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड को थमा दी है। इसमें कुल 11 मांग की गई है। इसमें फ्रेंचाइजी मॉडल को फिर से लाने की मांग भी शामिल है। क्रिकइन्फो की रिपोर्ट के मुताबिक, खिलाड़ी इसलिए बोर्ड के फ्रेंचाइजी आधारित मॉडल के समाप्त करने के विरोध में आ गए थे, क्योंकि इससे उनकी कमाई पर असर पड़ा था। वहीं, कप्तान शाकिब अल हसन ने भी बोर्ड के इस रवैये से नाराजगी जताई थी। हसन ने हालिया इंटरव्यू में कहा था कि खिलाडि़यों को दबाया जा रहा है और उनके साथ बेहतर व्यवहार होना चाहिए। शाकिब की इस बात को खिलाडि़यों का काफी समर्थन मिला था। हालांकि बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने इस आलोचना पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी थी।

नाराजगी की वजह

खिलाडि़यों की नाराजगी उस समय और बढ़ गई, जब बोर्ड ने इस महीने शुरू हुए फर्स्ट क्लास प्रतियोगिता की मैच फीस में भी इजाफा नहीं किया। इसके बाद बोर्ड ने ऐलान किया कि बांग्लादेश प्रीमियर लीग का फ्रेंचाइजी सिस्टम खत्म होगा और  सात टीमों में सात लेग स्पिनर उतारने होंगे। इससे खिलाडि़यों का गुस्सा सातवें आसमान पर है।

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