भूकंपरोधी भवन बनाने पर चर्चा

केंद्र से हिमाचल पहुंचे आपदा प्रबंधन के विशेषज्ञ दे रहे टिप्स

कांगड़ा – स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने वाले भवनों में भूकंप सहित आगजनी जैसी त्रासदी के दौरान भवन में फंसे व्यक्तियों व मरीजों को बाहर निकालने तथा घायलों को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए डा. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कालेज एवं अस्पताल टांडा में चर्चा की जा रही है। केंद्र से हिमाचल पहुंचे आपदा प्रबंधन के विशेषज्ञ इस प्रकार की त्रासदी में स्वास्थ्य सेवाएं घायलों को देने तथा स्वास्थ्य संस्थानों के ढांचे को मजबूत व भूकंपरोधी बनाने के लिए टिप्स प्रदान कर रहे हैं। तीन दिवसीय इस कार्यशाला में कांगड़ा के टांडा तथा मंडी के स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी भाग ले रहे हैं। भूकंप सहित अन्य किसी बड़ी आपदा के दौरान स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित न हों, इसके लिए विशेष प्रकार से योजना तैयार की जा रही है। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा देशभर में स्वास्थ्य संस्थानों को आपदाओं के प्रति तैयार रहने के लिए विशेष कार्यशाला का आयोजन कर रहा है। इसी फेहरिस्त में टांडा मेडिकल कालेज एवं अस्पताल में भी इस कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। इस दौरान विशेषज्ञों द्वारा गुरुवार को टांडा अस्पताल का भी दौरा किया गया, जिसके तहत विशेषज्ञों ने अस्पताल भवन सहित अन्य व्यवस्थाओं का भी निरीक्षण किया। हिमाचल का कांगड़ा सहित आसपास के जिले भूकंप की दृष्टि से अति संवेदनशील जोन में आते हैं। ऐसे में भूकंप जैसी आपदाओं में घायलों को जल्द से जल्द बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने को लेकर प्रारूप तैयार किया जा रहा है। टीएमसी के चिकित्सा अधीक्षक डा. सुरिंद्र सिंह भारद्वाज ने बताया कि नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी दिल्ली के विशेषज्ञों द्वारा आपदा संबंधित कार्यशाला आयोजित की जा रही है।

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