मंडी में मिठाइयों के सैंपल भरे

इस दिवाली त्योहार पर मिल्क फेडरेशन के मिष्ठान भी जांच के दायरे में

मंडी –दिवाली के दौरान मिठाइयों की गुणवत्ता जांचने के लिए फूड सेफ्टी एंड रेगुलेशन विभाग की ओर से सैंपल लिए गए हैं। मंडी शहर में ही करीब आठ अलग-अलग दुकानों से मिठाइयों के सैंपल कंडाघाट लैबोरेटरी भेजे गए हैं। इसमें हिमाचल प्रदेश मिल्क फेडरेशन की मिठाइयों के सैंपल भी उठाए गए हैं। हालांकि इनकी रिपोर्ट तो दिवाली के बाद आएगी, लेकिन कम से कम इस बात का जरूर खुलासा होगा कि दिवाली के दौरान आपने जिन मिठाइयों का जायका लिया, उनकी गुणवत्ता कैसी थी। सैंपल भरने की कार्रवाई दिवाली से एक दिन पहले शनिवार को की गई। यहां बता दें कि सैंपलिंग का कार्य करीब साढ़े चार साल बाद शुरू हुआ है। दिवाली के दौरान मिठाइयों के सैंपल लेने के लिए शिमला से दिशा-निर्देश जारी हुए थे। इसके चलते शनिवार को मंडी शहर में मिठाइयों के सैंपल भरने की कार्रवाई की गई। इससे पहले सुंदरनगर में भी मिठाइयों के सैंपल भरे गए थे। सभी सैंपल कंडाघाट लैबोरेटरी भेजे गए हैं, जिनकी रिपोर्ट दिवाली के बाद ही आएगी। गौरतलब हो कि फूड सेफ्टी अफसर की तैनाती न होने से खाद्य पदार्थों की सैंपलिंग नहीं हो पा रही थी। इसलिए फूड प्रोडक्ट की असल गुणवत्ता के बारे में पता नहीं चल पाता था, लेकिन अब फूड के सैंपल भी रेगुलर लिए जाएंगे और टेस्टिंग के लिए कंडाघाट लैब भेजे जाएंगे।

…तो भुगतना होगा इतना जुर्माना

फूड सेफ्टी के तहत जिन कारोबारियों की रजिस्ट्रेशन होती है, अगर वे नियमों का उल्लंघन करें, तो 25 हजार रुपए तक जुर्माने का प्रावधान है। इसके अलावा खाद्य पदार्थ बेचने वाले जिन कारोबारियों का लाइसेंस बनता है, उसके लिए जुर्माने का अलग प्रावधान है। इसमें अनहाइजीन होने पर एक लाख, खाद्य पदार्थों में मिलावट होने पर दो लाख (यदि वह स्वास्थ्य के लिए हानिकारक नहीं है) और यदि मिलावट स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है, तो दस लाख रुपए तक जुर्माने का प्रावधान है।

 

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