मरीजों को हर महीने मिलेगा दो हजार

ऊना – हिमाचल प्रदेश के लोगों को उपचार के लिए स्वास्थ्य योजनाओं जैसे आयुष्मान और हिमकेयर के बाद सहारा योजना का शुभारंभ किया है। सहारा योजना के तहत प्रदेश में गंभीर बीमारी से पीडि़त मरीजों को दो हजार रुपए प्रतिमाह की आर्थिक मदद दी जाएगी। इस योजना का लाभ ऐसे परिवार ले सकेंगे जो बीपीएल में आते हों और जिनकी आय सालाना चार लाख से कम है। इस योजना के तहत कैंसर, पार्किंसन, पैरालिसिस, मस्कुलर डिस्ट्रॉफी, थैलेसिमिया, हीमोफिलिया और रीनल फेलियर जैसी गंभीर बीमारियों से ग्रसित मरीजों का उपचार हो सकेगा। प्रदेश में अभी इन सात रोगों के करीब छह हजार रोगी हैं और यह सातों रोग गंभीर बीमारी की श्रेणी में आते हैं। इन रोगों से पीडि़त मरीजों को निरंतर देखभाल की जरूरत होती है। ऐसे में प्रदेश सरकार की ओर से सहारा योजना के तहत पात्र व्यक्ति के बैंक खाते में प्रतिमाह 2000 रुपए की आर्थिक मदद प्रदान जाएगी। सरकारी कर्मचारी तथा पंेशनर्स, जो चिकित्सा प्रतिपूर्ति की सुविधा प्राप्त कर रहे हैं, वे इस योजना का लाभ नहीं उठा पाएंगे। प्रदेश सरकार ने इस योजना के लिए 14 करोड़ 40 लाख रुपए बजट का प्रावधान किया है। योजना लाभ लेने के लिए औपचाकताएं सहारा योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए पात्र व्यक्ति को आपने क्षेत्र की आशा कार्यकर्ता अथवा स्वास्थ्य कार्यकर्ता से संपर्क करना होगा। इसके लिए उन्हें अपने साथ मेडिकल रिकार्ड, स्थायी निवास का प्रमाण पत्र, फोटोयुक्त आईडी कार्ड बीपीएल प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र और अपने बैंक अकाउंट का विवरण साथ ले जाना होगा। इस योजना का आवेदन प्रपत्र मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय से भी प्राप्त किया जा सकता है।  हिमाचल प्रदेश सहारा योजना का लाभ पाने के लिए आपको ऑनलाइन आवेदन करने की कोई आवश्यकया नहीं है। सारे कागजात मुख्य चिकित्सा अधिकारी के कार्यालय में जमा करवाने होंगे। वहीं, इस बारे में मुख्य चिकित्सा अधिकारी ऊना डा. रमण कुमार शर्मा ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा गंभीर बीमारियों से पीडि़त मरीजों को आर्थिक सहायता प्रदान करने के लए सहारा योजना की शुरुआत की गई है। यह योजना प्रदेश में 21 जुलाई से आरंभ हो गई है और इस योजना की जानकारी देने के लिए सभी आशा वर्कर्ज और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता घर-घर जा रही हैं तथा लोगों को जागरूक किया जा रहा है, ताकि पात्र लोग इस योजना का लाभ प्राप्त कर सके।

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