मुस्लिम पक्ष बोला, हमें चाहिए 1992 जैसी अयोध्या

अयोध्या भूमि विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में अंतिम दौर की सुनवाई शुरू

नई दिल्ली – सर्वोच्च न्यायालय में अयोध्या भूमि विवाद मामले पर सोमवार से अंतिम दौर की सुनवाई शुरू हो गई। मुस्लिम पक्ष की ओर से राजीव धवन ने अपनी दलीलें रखते हुए कहा कि  हमें (मुस्लिम पक्ष) पांच दिसंबर, 1992 जैसी अयोध्या चाहिए, जो बाबरी मस्जिद विध्वंस से पहले की थी। हमेशा यह नहीं सोच सकते हैं कि 1992 नहीं हुआ। अदालत में मुस्लिम पक्ष की ओर से दलील रखे जाने का सोमवार को आखिरी दिन था। मुस्लिम पक्ष की ओर से धवन ने कहा कि श्रद्धा से जमीन नहीं मिलती है। स्कन्द पुराण से अयोध्या की जमीन का हक नहीं मिलता है। अगर बैंच मोल्डिंग ऑफ  रिलीफ के तहत किसी एक पक्ष को मालिकाना हक देकर दूसरे को विकल्प देती है तो मुस्लिम पक्षकारों का ही दावा बनता है। तीन पहलू टाइटल के सवाल पर बंटवारा ही गलत था, इस्लामिक कानून और कुरान बहुत पेचीदा हैं। राजीव धवन ने कहा कि हिंदू पक्ष का विवादित स्थल पर कभी कब्जा नहीं रहा था, उन्हें सिर्फ पूजा का अधिकार मिला था। किसी ने आजतक नहीं माना है कि हिंदू पक्ष का आंतरिक अहाते पर कब्जा था। सुप्रीम कोर्ट में मुस्लिम पक्ष के राजीव धवन ने हिंदू पक्ष के वकील वैद्यनाथन की ओर से पेश लिखित दलीलों का जवाब देते हुए कहा कि गुंबद के नीचे रामजन्म होने तथा श्रद्धालुओं के फूल चढ़ाने का दावा सिद्ध नहीं हुआ है, वहां तो ट्रेसपासिंग कर लोग घुस आए थे। उन्होंने कहा कि कभी भी मंदिर तोड़कर मस्जिद नहीं बनाई गई, वहां लगातार नमाज होती रही है।

हिंदू पक्ष नहीं, सिर्फ  हमसे किए जा रहे सवाल

नई दिल्ली – सुनवाई के दौरान मुस्लिम पक्षकारों ने आरोप लगाया कि संविधान पीठ अयोध्या मामले में हिंदू पक्ष से नहीं, बल्कि सिर्फ उससे ही सवाल कर रही है। मुस्लिम पक्षकारों के वकील राजीव धवन ने कहा कि माननीय न्यायाधीश ने दूसरे पक्ष से सवाल नहीं पूछे। सारे सवाल सिर्फ  हमसे ही किए गए हैं। निश्चित ही हम उनका जवाब देंगे। धवन ने यह टिप्पणी उस वक्त की जब संविधान पीठ ने कहा कि विवादित स्थल पर लोहे की ग्रिल लगाने का मकसद बाहरी बरामदे से भीतरी बरामदे को अलग करना था।

शहर में 10 दिसंबर तक धारा 144 लागू

अयोध्या – अयोध्या के राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद भूमि विवाद मामले की अंतिम दौर की सुनवाई शुरू होते ही सोमवार को अयोध्या में प्रशासन ने धारा 144 लागू कर दी है। अयोध्या के डीएम अनुज कुमार झा ने कहा कि जिला में अयोध्या भूमि विवाद के फैसले की संभावना को देखते हुए 10 दिसंबर तक धारा 144 लागू कर दी गई है। यह आदेश आगामी 10 दिसंबर तक प्रभावी रहेगा।

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