मेडिकल कालेज… होर्डिंग्स तक सिमटा

250 करोड़ की लागत से बनने वाले भवन पर अभी भी संकट, चार साल बाद भी धरातल पर शुरू नहीं हो पाया निर्माण कार्य

नाहन –प्रदेश के सरकारी क्षेत्र के तीसरे मेडिकल कालेज नाहन के अपने भवन के शीघ्र निर्माण की आशंकाओं पर फिलहाल ब्रेक लगा हुआ है। डा. वाईएस परमार मेडिकल कालेज एवं अस्पताल नाहन का करीब 250 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित होने वाले बहुमंजिला कांप्लेक्स का टेंडर अवार्ड हुए पांच महीने का समय पूरा होने को है, परंतु संबंधित निर्माण करने वाली कंपनी ने कांप्लेक्स के इर्द-गिर्द निर्माण कार्य के होर्डिंग्स तो लगा दिए हैं, परंतु धरातल पर फिलहाल काम रुका हुआ है। ऐसे में जिला सिरमौर के लोगों को मेडिकल कालेज नाहन के भवन के निर्माण कार्य की करीब चार वर्ष बाद जो उम्मीद जगी थी उसके निर्धारित दो वर्ष की अवधि में पूरा होने के आसार कम ही नजर आ रहे हैं। गौर हो कि प्रदेश के तीसरे सरकारी क्षेत्र के मेडिकल कालेज नाहन को शुरू हुए चौथा वर्ष चल रहा है। कालेज में वर्तमान में एमबीबीएस के 400 से अधिक प्रशिक्षु चिकित्सक प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। मेडिकल कालेज में हालत यह है कि प्रशिक्षु चिकित्सकों के अलावा मेडिकल कालेज में आउटडोर व इनडोर पेशेंट की संख्या में पांच से छह गुना इजाफा हो चुका है तथा स्टॉफ में भी भारी वृद्धि हो चुकी है। ऐसे में मेडिकल कालेज के कांप्लेक्स में भवन की हालत वर्तमान में ऊंट के मुंह में जीरे के समान हो चुकी है। कालेज में एमबीबीएस के प्रशिक्षण का चौथा बैच बैठ चुका है। गौर हो कि डा. वाईएस परमार मेडिकल कालेज करीब चार वर्ष पूर्व खुला था। कालेज में आरंभ के दो वर्ष में कोई शिलान्यास आदि की व्यवस्था नहीं हुई थी तथा पूर्व केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने 13 सितंबर, 2017 को मेडिकल कालेज नाहन का फाउंडेशन स्टोन प्रदेश की राजधानी शिमला से वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से रखा था। उसके बाद फिर करीब डेढ़ वर्ष तक मेडिकल कालेज का कोई कार्य नहीं हुआ तथा प्रदेश में 2018 में सरकार का भी परिवर्तन हुआ। वर्तमान सरकार के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने एक मार्च, 2019 को मेडिकल कालेज नाहन के निर्माण कार्य का भूमि पूजन किया था। इस दौरान एक जनसभा का आयोजन मेडिकल कालेज के कैंपस में हुआ था, जिसमें मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया था कि दो माह में मेडिकल कालेज नाहन का निर्माण कार्य आरंभ कर दिया जाएगा तथा दो वर्ष के भीतर मेडिकल कालेज नाहन का अपना भवन होगा। करीब तीन महीने तक प्रक्रिया चली तथा 26 जून, 2019 को मेडिकल कालेज नाहन के करीब 250 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित होने वाले कांप्लेक्स का टेंडर दिल्ली की जानी मानी कंपनी मैसर्स शापुरजी पालोनजी के नाम अवार्ड हुआ। यह कार्य सीपीडब्ल्यूडी के अधीन किया जाना है। मेडिकल कालेज के निर्माण के आरंभ होने की तिथि 26 जून, 2019 दिखाई गई है, जबकि मेडिकल कालेज के निर्माण कार्य के पूरा होने की अवधि दो वर्ष यानी 25 जून, 2021 को पूरा होने की दर्शाई गई है। मेडिकल कालेज के निर्माण कार्य का टेंडर अवार्ड हुए करीब पांच महीने की अवधि समाप्त हो चुकी है, परंतु निर्माण कार्य अभी आरंभ नहीं हुआ है।

न अपना भवन, न ही छात्रावास की सुविधा

डा. वाईएस परमार मेडिकल कालेज के पास न तो अपना भवन है न ही 400 से अधिक प्रशिक्षु चिकित्सकों के लिए छात्रावास की सुविधा। इसके अलावा स्टॉफ के लिए भी महंगी दरों में निजी मकान के किराए पर लिए गए हैं। लेक्चर थियेटर, आपरेशन थियेटर व अन्य सुविधाएं भी मेडिकल कालेज की तर्ज पर अपडेट नहीं हो पाई है। कुछ कक्षाएं राजकीय महाविद्यालय नाहन के पुराने भवन में चल रही हैं।

साइंस ब्लॉक अभी भी खाली

मेडिकल कालेज नाहन के लिए सरकार द्वारा राजकीय महाविद्यालय नाहन के आर्ट्स व साइंस ब्लॉक के कांप्लेक्स दे दिए गए हैं। आर्ट्स ब्लॉक में तो मेडिकल कालेज की कक्षाएं चल रही हैं, परंतु साइंस ब्लॉक अभी भी खाली पड़ा हुआ है। ऐसे में जगह की कमी को देखते हुए मेडिकल कालेज के प्रशासनिक कार्य को साइंस ब्लॉक में शिफ्ट किए जाने की मांग भी की जा रही है।

फोरेस्ट क्लीयरेंस का पेंच आया बीच में

 बताया जा रहा है कि अभी मेडिकल कालेज के भवन निर्माण को लेकर फोरेस्ट क्लीयरेंस का पेंच बीच में आ गया है। ऐसे में विभाग व सरकार द्वारा फोरेस्ट क्लीयरेंस की फाइल को दोबारा सक्रिय कर दिया गया है। संबंधित कंपनी द्वारा निर्माण कार्य के लिए आरंभिक प्रक्रिया तो आरंभ कर दी गई थी तथा कुछ श्रमिक मेडिकल कालेज के कैंपस में नजर भी आते हैं, परंतु निर्माण कार्य फिलहाल शुरू नहीं हो रहा है। ऐसे में स्पष्ट है कि मेडिकल कालेज के मरीजों, उनके तीमारदारों, मेडिकल कालेज में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे प्रशिक्षु चिकित्सकों व तमाम स्टॉफ को अभी तंग हालत में ओर दिनगुजारने होंगे।

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