मैहतपुर में पुलिस जवानों को शत-शत नमन

वीर जवानों को प्रथम भारत आरक्षित वाहिनी बनगढ़ मुख्यालय के शहीद स्मारक में दी श्रद्धांजलि , रखा मौन

मैहतपुर –कर्त्तव्य का निर्वहन करते हुए अपने प्राणों की आहुति देने वाले अमर शहीद पुलिस जवानों को प्रथम भारत आरक्षित वाहिनी बनगढ़ मुख्यालय में स्थित शहीद स्मारक में भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की गई। समादेशक शालिनी अग्निहोत्री इस मौके पर कहा कि वर्ष 2018-19 के दौरान देश की आंतरिक सुरक्षा करते हुए विभिन्न पुलिस बलों के 292 अधिकारियों व कर्मचारियों ने अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। वाहिनी मुख्यालय में समादेशक द्वारा उन सभी  शहीद पुलिस अधिकारियों के नाम पढ़े गए, जिन्होंने अपना सर्वस्व भारत माता पर न्यौछावर कर दिया। अधिकारियों व कर्मचारियों को संबोंधित करते हुए समादेशक महोदया ने पुलिस दिवस का महत्त्व की जानकारी देते हुए कहा कि पुलिस स्मरण दिवस के महत्त्व के बारे में सीआरपीएफ  की बहादुरी का एक किस्सा है। गौरतलब है कि जब कंेद्रीय रिजर्व पुलिस बल के 21 जवानों का गश्ती दल लद्दाख में गश्त कर रहा था तभी चीनी फौज के एक बहुत बड़े दस्ते ने इस गश्त टुकड़ी पर घात लगाकर आक्रमण कर दिया। तब केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के मात्र 21 जवानों ने चीनी आक्रमणकारियों का डटकर मुकाबला किया। मातृभूमि की रक्षा के लिए लड़ते हुए दस शूरवीर जवानों ने अपने प्राणों का बलिदान दिया तथा सात जवान गंभीर रूप से घायल हुए हमारे बल के लिए व हम सबके लिए यह गौरव की बात है कि केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के इन बहादुर जवानों के बलिदान को देश के सभी कंेद्रीय पुलिस संगठनों व सभी राज्यों की सिविल पुलिस द्वारा पुलिस स्मरण दिवस के रूप में मनाया जाता है। देश की आंतरिक सुरक्षा और सीमा पर पुलिस विभाग व केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल की भूमिका सर्वोच्च है और इन वीर जवानों व अधिकारियों का बलिदान, हमें भविष्य में भी अपने कर्त्तव्यों को पूर्ण निष्ठा से निभाने की प्रेरणा देता है। परंपरा के अनुसार पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों ने शहीद स्मारक स्थल पर रखी शहीद पुस्तिका पर पुष्पांजलि अर्पित की और शहीदों की याद में दो मिनट का मौन धारण किया। इस अवसर पर उप समादेशक राजेश कुमार, उप समादेशक शमशेर सिंह,उप समादेशक बद्री सिंह, सहायक समादेशक मीनाक्षी शर्मा तथा अराजपत्रित ग्रेेड एक-दो, कर्मचारी उपस्थित रहे।

You might also like