मोदी-शी चिनफिंग बैठक से पहले कश्मीर मुद्दे पर चीन के यू-टर्न को लेकर भारत की कड़ी प्रतिक्रिया, कांग्रेस बोली- हॉन्ग कॉन्ग से घेरो

मोदी-शी की अनौपचारिक शिखर बैठक से 48 घंटे पहले बुधवार को कश्मीर के मुद्दे पर भारत और चीन के बीच बयानों में तीखापन देखा गया। पाकिस्तानी पीएम इमरान खान और चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग की मुलाकात के बाद पेइचिंग के उस बयान पर नई दिल्ली ने तीखी प्रतिक्रिया दी जिसमें कश्मीर मसले को ‘संबंधित’ यूएन चार्टर के मुताबिक सुलझाने की बात कही गई थी। भारत ने दो टूक कहा कि वह अपने आंतरिक मामलों में इस तरह की टिप्पणी का स्वागत नहीं करता है। इस बीच मुख्य विपक्षी कांग्रेस ने सरकार से कहा है कि वह भी हॉन्ग कॉन्ग में लोकतंत्र समर्थक प्रदर्शन, उइगर मुस्लिमों पर अत्याचार और साउथ चाइना सी का मुद्दा उठाकर चीन को घेरे।

भारत बोला- कश्मीर हमारा अभिन्न अंग, आंतरिक मामलों से दूर रहो
चीन के इस बयान कि जम्मू-कश्मीर का विवाद संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों के मुताबिक सुलझाया जाना चाहिए, पर पूछे गए सवाल के जवाब में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा, ‘भारत का हमेशा से और स्पष्ट रुख रहा है कि जम्मू-कश्मीर हमारा अभिन्न हिस्सा है। चीन भी हमारे रुख से वाकिफ है। भारत के आंतरिक मामले दूसरे देशों की टिप्पणी के लिए नहीं हैं।’ चिनफिंग के भारत दौरे से महज कुछ घंटों पहले इस मुद्दे पर कोई नरमी न बरतते हुए उन्होंने कहा, ‘हमने चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की मुलाकात से जुड़ी रिपोर्ट देखी है, जिसमें कश्मीर पर भी उनकी चर्चा का जिक्र है।’

कांग्रेस बोली, शिनजियांग और हॉन्ग कॉन्ग पर चीन को घेरो
शी चिनफिंग के इस बयान कि वह कश्मीर पर नजर बनाए हुए हैं, पर कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने सरकार से सवाल किया है कि वह हॉन्ग कॉन्ग में प्रदर्शनों और शिनजियांग में मानवाधिकारों के उल्लंघन पर चीन को क्यों नहीं घेर रही है। तिवारी ने ट्वीट किया, ‘शी चिनफिंग कहते हैं कि वह कश्मीर पर नजर बनाए हुए हैं लेकिन प्रधानमंत्री और विदेश मंत्रालय क्यों नहीं कहते… 1- हम हॉन्ग कॉन्ग में लोकतंत्र समर्थक विरोध प्रदर्शनों के दमन को देख रहे हैं। 2- हम शिनजियांग में मानवाधिकारों के उल्लंघन को देख रहे हैं। 3- हम तिब्बत में लगातार हो रहे अत्याचार को देख रहे हैं। 4- हम साउथ चाइना सी को देख रहे हैं।’

You might also like