राज्यपाल ने जल्द मांगी कौशल विकास की रिपोर्ट

शिमला – हिमाचल प्रदेश में कौशल विकास के लिए कार्यान्वित की जा रही विभिन्न योजनाओं एवं कार्यों के बारे में जानकारी लेने के लिए हिमाचल प्रदेश कौशल विकास निगम एवं संबंधित विभागों की मंगलवार को राजभवन में बैठक का आयोजन किया गया। राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने बैठक की अध्यक्षता की। राज्यपाल ने प्रदेश में कौशल विकास में विभिन्न विभागों द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि केंद्रीय प्रायोजित विभिन्न योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि केंद्रीय सहायता में किसी भी प्रकार का सहयोग देने के लिए वह तैयार हैं। उन्होंने कहा कि वह इस संबंध में रिपोर्ट दें और यदि जरूरी है, तो वह केंद्र सरकार से हिमाचल का पक्ष रखेंगे, ताकि अधिक से अधिक लोग विशेषकर युवा वर्ग लाभान्वित हो सके। उन्होंने कम्प्यूटर शिक्षा को प्राथमिक स्तर पर प्रभावी बनाने और नए व्यवासायिक प्रशिक्षण आरंभ करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि उद्योगों की मांग पर पाठ्यक्रम आरंभ किए जाने चाहिए और देश के प्रतिष्ठित संस्थानों में प्रशिक्षण की व्यवस्था कीजानी चाहिए। इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश कौशल विकास निगम के प्रबंध निदेशक रोहन ठाकुर ने पावर प्वाइंट प्रस्तुतिकरण दिया और निगम की गतिविधियों की समग्र स्थिति के बारे में जानकारी दी। उन्होंने राज्यपाल को अवगत करवाया कि निगम 2015 में हिमाचल प्रदेश के राज्य कौशल मिशन के रूप में स्थापित किया था। जिसका उद्देश्य तकनीकी व्यावसायिक और शैक्षिक प्रशिक्षण कार्यक्रमों को समेकित करना और नेशनल स्किल क्वालिफिकेशन के साथ सभी टीवीईटी कार्यक्रमों को श्रेणीबद्ध करना है। यह राज्य में टीवीईटी के डिजाइन और वितरण और कौशल के बुनियादी ढांचे के विकास में निजी क्षेत्र की भागीदारी की सुविधा भी प्रदान करता है। उन्होंने प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने कौशल विकास के तहत मोबिलाइजेशन, ट्रेनर्स, इन्फ्रास्ट्रक्चर और इंडस्ट्री कनेक्ट में चुनौतियों पर काबू पाने के लिए नई पहल की जानकारी भी दी। उन्होंने दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्या योजना की प्रगति से भी अवगत करवाया।

प्रदेश में चल रहे 356 संस्थान

तकनीकी शिक्षा विभाग के निदेशक शुभकरण सिंह ने बताया कि तकनीकी शिक्षा विभाग के अंतर्गत प्रदेश में 356 तकनीकी और व्यावसायिक संस्थान कार्य कर रहे हैं, जिसमें से 158 संस्थान सरकारी क्षेत्र में हैं, जबकि 198 संस्थान निजी क्षेत्र में प्रति वर्ष 57488 छात्रों को प्रशिक्षण प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसके अलावा तकनीकी शिक्षा क्षेत्र में सात केंद्र वित्त पोषित संस्थान भी विभाग के सहयोग से चल रहे थे। ग्रामीण विकास और पंचायती राज विभाग के निदेशक ललित जैन और उद्योग विभाग के उप निदेशक संजय शर्मा ने व्यावसायिक प्रशिक्षण से संबंधित विभिन्न गतिविधियों पर अपनी प्रस्तुति दी।

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