वालीबाल के बाद कबड्डी की विदाई पर लटकी तलवार

बिलासपुर में कोच की रिटायरमेंट के बाद खिलाडि़यों को सोनीपत शिफ्ट करने की तैयारी, अब साई होस्टल में बॉक्सिंग कोच ही रह जाएगा

बिलासपुर –स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ  इंडिया (साई) बिलासपुर से गुरुवार को वालीबाल खेल की पंजाब के मस्तौनासाहिब होस्टल में विदाई के बाद अब कबड्डी खेल पर भी संशय पैदा हो गया है। कबड्डी के एकमात्र कोच एवं होस्टल प्रभारी जयपाल चंदेल की 31 अक्तूबर को रिटायरमेंट के चलते होस्टल में इस खेल की बारीकियां सीख रहे प्लेयर्स के भी यहां से अंयत्र शिफ्ट किए जाने की संभावनाएं बन गई हैं। हालांकि कोच ने एक साल की एक्सटेंशन निदेशालय से मांगी है, लेकिन इस पर अभी तक निर्णय नहीं हुआ है। ऐसे हालात में जल्द ही कबड्डी प्लेयर्स के समक्ष प्रैक्टिस का संकट पैदा होगा। नॉर्थ जोन में कबड्डी के तीन ही कोच कार्यरत है, जिनमें से एक बिलासपुर होस्टल तो दो कोच धर्मशाला में कार्यरत हैं। बिलासपुर होस्टल के इंचार्ज कबड्डी को जयपाल चंदेल की रिटायरमेंट इसी माह होने की वजह से कबड्डी खिलाड़ी कोचिंग से वंचित हो जाएंगे। ऐसे हालात में खिलाडि़यों को कबड्डी कोच की उपलब्धता वाले हरियाणा राज्य के सोनीपत सेंटर में शिफ्ट किया जा सकता है। यहां बता दें कि बिलासपुर साई होस्टल में वालीबाल कोच के जाने के बाद अब महज बॉक्सिंग व कबड्डी के ही कोच रह गए हैं। इनमें से कबड्डी कोच के सेवानिवृत्त होने के बाद अकेला कोच ही रह जाएगा। वालीबाल खेल की बारीकियां सीखने के लिए दस खिलाडि़यों को पंजाब राज्य के संगरूर स्थित मस्तौनासाहिब खेल छात्रावास में शिफ्ट कर दिया गया है और गुरुवार को सभी खिलाड़ी यहां से रवाना हो चुके हैं। अब इस होस्टल में कबड्डी और बॉक्सिंग कोच ही रह गए हैं। इनमें से अक्तूबर के बाद अकेला बॉक्सिंग कोच ही रह जाएगा। हालांकि कबड्डी कोच जयपाल चंदेल ने एक साल की एक्सटेंशन मांगी है। श्री चंदेल की मानें तो वह शुक्रवार को निदेशालय को एक बार फिर से एक्सटेंशन को लेकर लिखेंगे। वर्ष 1987 में अस्तित्व में आए बिलासपुर के साई होस्टल में इस समय तीन खेलों में बाकायदा ट्रायल प्रक्रिया से गुजरने के बाद खिलाडि़यों को एडमिशन दी गई है। कबड्डी खेल में 25 तो बॉक्सिंग में 20 सीटें आरक्षित हैं। इसके तहत कबड्डी में 17 और बॉक्सिंग में 15 खिलाड़ी उपलब्ध हैं। दोनों ही खेल में खिलाडि़यों की तादाद को पूरा करने के लिए अभी 13 और चाहिए। इसके लिए निदेशालय को पत्र लिखा गया है। साई होस्टल के इंचार्ज जयपाल चंदेल के अनुसार पूर्व में जिन खिलाडि़यों ने ट्रायल दे रखा है उन्हीं में से खिलाडि़यों की संख्या को पूरा किया जाएगा। इस बाबत एक सूची निदेशालय को प्रेषित कर रखी है। उस ओर से आदेश मिलते ही आगामी कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।

साई होस्टल के अधीन मंडी-हमीरपुर जिलों में एक्सटेंशन सेंटर कर रहे काम

साई होस्टल बिलासपुर के अधीन मंडी व हमीरपुर जिलों में एक्सटेंशन सेंटर कार्यरत हैं। इसके तहत मंडी जिला के सुंदरनगर में बॉक्सिंग (ब्वाय एंड गर्ल्ज), सुंदरनगर के सिरड़ा नामक स्थान पर कबड्डी (गर्ल्ज) और धवाल में रेस्लिंग (ब्वाय एंड गर्ल्ज) शामिल हैं। इसके अलावा हमीरपुर में एथलेटिक्स (ब्वाय एंड गर्ल्ज) का एक्सटेंशन सेंटर कार्यरत हैं।

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