शहीदों की सूची में 292 नए नाम

शाह बोले, खाकी वर्दीधारियों से दुनिया में ताकतवर बन पाया भारत

नई दिल्ली – केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को पुलिस स्थापना दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस अवसर पर उन्होंने वहां उपस्थित अधिकारियों और पुलिस कर्मियों को संबोधित करते हुए कहा कि आजादी के बाद से अब तक 34,800 पुलिस कर्मचारी अपने कर्त्तव्य को निभाते हुए अपनी जान गंवा चुके हैं। उन सभी शहीदों को मैं श्रद्धांजलि देता हूं। खाकी वर्दीधारी पुरुष और महिलाओं के कारण ही भारत दुनिया में ताकतवर देश बन पाया है। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि इस साल शहीदों की सूची में 292 नए नामों को जोड़ा गया है। गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि केंद्र सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए निर्धारित समय सीमा में कदम उठाएगी कि पुलिसकर्मियों को काम का अच्छा माहौल मुहैया कराया जाए और उनकी स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण संबंधी चिंताओं को दूर किया जाए। शाह ने कहा कि कर्त्तव्य के निर्वहन के लिए बलिदान देने वाले पुलिस के वीरों को नमन करता हूं। 1959 में सीआरपीएफ के दस जांबाज सैनिकों ने ऑटोमैटिक हथियारों से लैस होकर चीनी टुकडि़यों का सामना किया और अपने प्राणों की आहूती दी थी। तब से शुरू हुई बलिदान की गाथा आज यहां तक पहुंची है। इस दिन को उनके सम्मान में हर वर्ष राष्ट्रीय पुलिस स्मृति दिवस के रूप में मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि सीमाओं की सुरक्षा, आतंकवाद, नक्सल समस्या और ट्रैफिक को सुचारू रूप से चलाने जैसे कामों को पुलिसकर्मियों और अर्द्धसैनिक बलों ने बखूबी निभाया है। ड्रग्स और हवाला कारोबार से देश के अर्थतंत्र को खत्म करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई जारी है।

साप्ताहिक अवकाश भी नहीं ले पाते तीन चौथाई कर्मी

गृह मंत्री ने देश में पुलिसबल की कमी पर चिंता प्रकट की। उन्होंने बताया कि आज हमारे पास एक लाख आबादी पर 144 पुलिसकर्मी हैं, जबकि यह संख्या 222 होने चाहिए। इस वजह से 90 फीसदी पुलिसकर्मियों को 12 घंटे से अधिक समय तक काम करना पड़ता है और तीन-चौथाई से अधिक पुलिसकर्मियों को साप्ताहिक अवकाश तक नहीं मिल पाता। सरकार ने पुलिस कल्याण के लिए कई योजनाएं बनाई हैं। उनके स्वास्थ्य, परिजन, आवास के लिए सरकार चिंतित है।

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