शहीद पुलिस जवानों को सलाम

शिमला में दी श्रद्धांजलि, चीन से लोहा लेते देश की सुरक्षा के लिए दी थी जान

शिमला – हिमाचल पुलिस ने आज ही के दिन चीन सेना से लोहा लेते हुए शहीद हुए जवानों की याद में स्मृति दिवस मनाया। इसे शहीद दिवस भी कहा जाता है। हिमाचल प्रदेश में राज्य स्तरीय पुलिस स्मृति दिवस शिमला की पुलिस लाइन भराड़ी में मनाया गया। प्रदेश पुलिस के इतिहास में पहली बार यह परेड पूर्ण रूप से महिला पुलिस कर्मियों द्वारा की गई। इसका नेतृत्व पुलिस उपाधीक्षक (परिवीक्षाधीन) गीतांजलि द्वारा किया गया। इस अवसर पर पूरे वर्ष में देशभर में कर्त्तव्य पालन के दौरान शहीद हुए जवानों के नामों का स्मरण पुलिस महानिदेशक सीताराम मरडी ने किया तथा उन्हें अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की। राज्यपाल द्वारा दिए गए संदेश को भी पढ़ा गया। राज्यपाल के प्रतिनिधि के तौर पर मोहित चावला (एडीसी) मौजूद रहे। वहीं, मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि के तौर पर डीसी राणा (विशेष सचिव) सहित पुलिस के उच्चाधिकारियों, जिनमें अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक श्याम भगत नेगी, अनुराग गर्ग, पुलिस महानिरीक्षक  हिमांशु मिश्रा, ज्ञानेश्वर सिंह, जेपी सिंह तथा दिलजीत कुमार ठाकुर व सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारियों में टीआर महाजन, बीएल पंडित, अरविंद शारदा, बलबीर ठाकुर तथा बृज लाल शर्मा व अन्य इस अवसर पर उपस्थित रहे। उन्होंने शहीद स्मारक पर अपने पुष्प-चक्र अर्पित किए। समस्त स्तर के विभिन्न पुलिस कर्मचारियों, नजदीकी स्कूलों के विद्यार्थियों तथा पुलिस सामुदायिक योजना के सदस्यों ने भी शहीदों को नमन करके पुष्पांजलि अर्पित की।

21 जवानों पर किया था हमला 

21 अक्तूबर, 1959 को लद्दाख सीमा के हॉट स्पिं्रग नामक स्थान पर चीन की सेना ने भारतीय पुलिस के 21 जवानों पर घात लगाकर हमला किया था। सीआरपीएफ के उपनिरीक्षक कर्म सिंह के नेतृत्व में 21 जवान जब सीमा पर गश्त कर रहे थे, उस वक्त चीनी सेना ने उनपर अचानक आक्रमण कर दिया। मोर्चा संभालते हुए उपनिरीक्षक कर्म सिंह और उनके साथियों ने पूरी बहादुरी के साथ डटकर सामना करते हुए चीनी सैनिकों से लोहा लिया। इसमें दस जवान देश की सुरक्षा के लिए लड़ते हुए शहीद हो गए थे और 11 जवानों को चीनी सेना द्वारा बंदी बना लिया गया था।

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