संस्कृत भाषा एक प्राचीन भाषा

संस्कृत में करियर संबंधी विस्तृत जानकारी प्राप्त करने के लिए हमने  राष्ट्रीय संस्कृत संस्थान, वेदव्यास परिसर गरली के प्राचार्य लक्ष्मी निवास पांडे से बातचीत की। प्रस्तुत हैं बातचीत के मुख्य अंश…

लक्ष्मी निवास पांडे प्राचार्य

राष्ट्रीय संस्कृत संस्थान, वेदव्यास परिसर, गरली

क्यों खास है संस्कृत भाषा?

आमतौर पर लोगों में यह अवधारणा बनी हुई है कि संस्कृत भाषा एक प्राचीन भाषा है और बहुत कम लोग इस में रुचि लेते हैं। लेकिन आपको पता होना चाहिए कि आज जिस अंग्रेजी भाषा को हम आधुनिकता का पर्याय मानते हैं, उसका उद्गम भी संस्कृत से ही हुआ है। संस्कृत को देव भाषा भी कहा जाता है। आज इस भाषा का महत्त्व बढ़ता जा रहा है, जिसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि विदेशों में भी 250 से भी ज्यादा विश्वविद्यालयों में यह भाषा अब पढ़ाई जाती है।

संस्कृत विषय में रोजगार की क्या संभावनाएं हैं?

अध्यापन, योग, आयुर्वेदिक, ज्योतिष, वास्तु, कर्मकांड, आधुनिक विधि इंजीनियरिंग, सांस्कृतिक पर्यटन, सौंदर्य पर्यावरण आदि क्षेत्रों में संस्कृत के ज्ञान से रोजगार के अवसर प्राप्त हो सकते हैं।

इस क्षेत्र में रोजगार के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता क्या होती है?

संस्कृत में रोजगार के लिए शास्त्री, आचार्य न्यूनतम योग्यता होना लाजिमी है।

रोजगार के अवसर संस्कृत में डिग्री लेने के बाद किन क्षेत्रों में है?

शिक्षा के क्षेत्र सहित योग, आयुर्वेदिक, इंजीनियरिंग में संस्कृत की डिग्री लेने के बाद रोजगार के अवसर प्राप्त हो सकते हैं।

कहीं रोजगार मिलने पर आरंभिक आय कितनी होती है?

इस क्षेत्र में आय आपके अनुभव और व्यवहार कुशलता पर निर्भर करती है। सरकारी क्षेत्र में रोजगार मिलने पर सरकारी मानकों के तहत वेतनमान निर्धारित होता है, जो सीनियोरिटी के हिसाब से बढ़ता रहता है।

देश के प्रमुख संस्थानों के बारे में बताएं, जहां संस्कृत से संबद्ध पाठ्यक्रम चलता है?

देश भर में 15 संस्कृत विश्वविद्यालय, दस रिसर्च इंस्टीच्यूट, 12 वेद विश्वविद्यालय व करीब डेढ़ दर्जन योग विश्वविद्यालय हैं, जहां अधिकांश संस्थानों में संस्कृत विषय का पाठयक्रम चलता है।

हिमाचल में कितने संस्कृत कालेज हैं, जहां संस्कृत का पठन-पाठन होता है?

हिमाचल में करीब 20 निजी व सरकारी संस्कृत कालेज हैं, जिनमें संस्कृत का पाठयक्रम ही चलता है।

हिमाचल में संस्कृत विषय में डिग्री करने के बाद रोजगार की क्या संभावनाएं हैं?

संस्कृत विषय में डिग्री करने के बाद ज्यादातर छात्र अध्यापक व योग शिक्षक सहित  हिमाचल के अन्य कई  संस्थानों में रोजगार प्राप्त कर सकते हैं।

इस करियर को अपनाने वाले युवाओं को आप क्या संदेश देना चाहेंगे?

इसमें इन तमाम युवाओं को यही संदेश देना चाहूंगा कि आत्मविश्वास के साथ काम करो, इससे आपका भविष्य उज्ज्वल बन सकता है। भाषा कोई भी हो, यदि आपमें उसको सीखने की रुचि है तभी आप उसमें पारंगत हो पाएंगे।   

—रक्षपाल शर्मा, गरली

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