सावरकर ‘भारत रत्न’ या…

Oct 17th, 2019 12:05 am

महान स्वतंत्रता सेनानी और क्रांतिकारी विनायक दामोदर सावरकर हमेशा से विवादास्पद नाम रहे हैं। वह क्रांतिकारी और देशभक्त थे, यह एक वैचारिक तबके की मान्यता है, जबकि मौजूदा कांग्रेस उन्हें ‘गद्दार’ और ‘अंग्रेजों का वफादार नौकर’ करार देती है। वीर सावरकर का अतीत क्या रहा है, इतिहास में उन्हें कैसे दर्ज किया गया है, हमें उनसे कोई सरोकार नहीं है, क्योंकि 2019 के कालखंड में स्वतंत्रता आंदोलन के पुराने पन्ने खंगालना संभव नहीं है। वीर सावरकर आज वैचारिक और मूल्यों के आधार पर प्रासंगिक भी नहीं हैं, लेकिन उन्हें ‘भारत रत्न’ के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से अलंकृत करने की महाराष्ट्र भाजपा की मांग ने एक बार फिर बहस छेड़ दी है। सावरकर के साथ ज्योतिबा फुले और सावित्री बाई फुले का नाम भी जोड़ा गया है कि उन्हें भी यह सम्मान दिया जाना चाहिए। बेशक अंग्रेजों ने सावरकर को ‘काला पानी’ की सजा दी। उन्हें 25-25 साल की अलग-अलग सजाएं सुनाई गईं। वह अंडेमान निकोबार की सेल्यूलर जेल की एक काली-अंधेरी कोठरी में कई सालांे तक कैद रहे। उन्हें ‘कोल्हू का बैल’ बनाया गया, ऊबड़-खाबड़ पहाड़ को समतल बनाने का असंभव कार्य भी दिया गया। अनगिनत अमानवीय यातनाओं के बाद उन्हें फांसी के फंदे पर लटका दिया गया। पल भर को सोचिए कि अंग्रेजों का नौकर होने के बावजूद क्या ऐसी यातनाएं दी जा सकती थीं? बेशक उन्होंने ब्रिटिश शासन को माफीनामे लिखे। सावरकर की छह चिट्ठियां सार्वजनिक तौर पर उपलब्ध हैं, जो साररूप में माफीनामे माने जा सकते हैं। इतिहास के एक कालखंड में छत्रपति शिवाजी ने भी मुगल बादशाहों के नाम माफीनामे भेजे थे। यदि शिवाजी महाराज ‘कायर’ नहीं थे, तो उनके मूल्यों के भक्त सावरकर ‘डरपोक’ कैसे हो सकते थे? वैसे भी सावरकर गांधीवादी मूल्यों, सिद्धांतों के अनुगामी नहीं थे। आजादी की लड़ाई में गरमपंथी, नरमपंथी थे, तो वामपंथी और कांग्रेसपंथी भी थे, लिहाजा एक वर्ग ने सावरकर, चंद्रशेखर, रामप्रसाद बिस्मिल, भगतसिंह सरीखों को क्रांतिकारी नहीं, उग्रवादी करार दिया, जिन्हें आज की भाषा में आतंकवादी कह सकते हैं। यह मूल्यांकन करने वाले कौन थे, इतिहास गवाह है, लेकिन मौजूदा समय और पीढ़ी उन्हें नकार चुके हैं। बहरहाल जिस दौर में सूखा, पानी, बाढ़, बेरोजगारी, आर्थिक मंदी, किसान आत्महत्या सरीखे बेहद नाजुक मुद्दे मौजूद हैं, तो उस दौर में सावरकर पर बहस का औचित्य क्या हो सकता है? लेकिन अपनी क्रांतिकारी पीढ़ी और बुजुर्गों को भूला भी कैसे जा सकता है? एक तो सावरकर आजादी के आंदोलन के दौरान हिंदू-हित के चेहरा थे और दूसरे, उन्हें ‘भारत रत्न’ से सम्मानित करने की मांग भाजपा ने की है। चूंकि केंद्र में भी प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में ऐतिहासिक और प्रचंड बहुमत वाली सरकार है, लिहाजा सावरकर अब जल्द ही ‘भारत रत्न’ होंगे! कांग्रेस जैसे विपक्ष को सावरकर की इस सम्मानित पहचान पर घोर आपत्ति है, क्योंकि वे तो सावरकर को भी राष्ट्रपिता गांधी का हत्यारा मानते रहे हैं। दरअसल बुनियादी दिक्कत ‘भारत रत्न’ की भी है। कांग्रेस का नेहरू-गांधी परिवार इस सम्मान को अपनी बपौती मानता रहा है। यह उसी परिवार का पेटेंट है! प्रधानमंत्री रहते हुए नेहरू और इंदिरा गांधी को ‘भारतरत्न’ बनाया गया। पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या के साल में ही उन्हें यह सम्मान दिया गया। महान देशभक्त सुभाष चंद्र बोस को उनकी मृत्यु के 47 साल के बाद 1992 में, लौहपुरुष सरदार पटेल को उनकी मृत्यु के 41 वर्ष बाद 1991 में और संविधान-पुरुष बाबा अंबेडकर को उनकी मृत्यु के 34 सालों के बाद 1990 में ‘भारत रत्न’ से नवाजा जा सका। वीर सावरकर का केस 2000 में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने राष्ट्रपति को भेजा था, लेकिन कांग्रेस पृष्ठभूमि के राष्ट्रपति के.आर.नारायणन ने सावरकर को ‘भारत रत्न’ देने का प्रस्ताव खारिज कर दिया। दरअसल सेल्यूलर जेल में सावरकर का स्मारक बन सका, उस काल-कोठरी को भी स्मारक बनाया गया और उनका तैलचित्र संसद भवन में आ सका, यह श्रेय भी भाजपा के प्रधानमंत्रियों को जाता है। वैसे इंदिरा गांधी ने प्रधानमंत्री के तौर पर सावरकर के सम्मान में न केवल डाक टिकट जारी किया था, बल्कि उन्हें ‘देशभक्त क्रांतिकारी’ भी माना था। इंदिरा गांधी ने अपने कोष से 11,000 रुपए सावरकर स्मारक को भी दिए थे। इससे पहले लाल बहादुर शास्त्री भी कांग्रेसी प्रधानमंत्री थे, जिन्होंने स्वतंत्रता सेनानी के तौर पर सावरकर की पेंशन तय की थी। या तो वह कांग्रेस सही थी अथवा सोनिया-राहुल गांधी की मौजूदा कांग्रेस सही है, इसका आकलन खुद कांग्रेस कर ले, लेकिन सावरकर ‘भारत रत्न’ से भी बहुत ऊपर और महान थे।

Himachal List

Free Classified Advertisements

Property

Land
Buy Land | Sell Land

House | Apartment
Buy / Rent | Sell / Rent

Shop | Office | Factory
Buy / Rent | Sell / Rent

Vehicles

Car | SUV
Buy | Sell

Truck | Bus
Buy | Sell

Two Wheeler
Buy | Sell

Polls

क्या सरकार को व्यापारी वर्ग की मदद करनी चाहिए?

View Results

Loading ... Loading ...


Miss Himachal Himachal ki Awaz Dance Himachal Dance Mr. Himachal Epaper Mrs. Himachal Competition Review Astha Divya Himachal TV Divya Himachal Miss Himachal Himachal Ki Awaz