स्कूल में जातिगत भेदभाव पर हाई कोर्ट ने मांगा स्पष्टीकरण

 शिमला -हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने मंडी जिला के सीनियर सेकेंडरी स्कूल किलिंग में छात्रों के साथ जातिगत भेदभाव को लेकर छपी खबरों पर स्वतः संज्ञान लेते हुए सरकार से स्पष्टीकरण मांगा है। मुख्य न्यायाधीश एल नारायण स्वामी व न्यायाधीश धर्मचंद चौधरी की खंडपीठ ने मामले पर सुनवाई के पश्चात मुख्य सचिव सहित डीसी मंडी, निदेशक उच्चतर शिक्षा, उप निदेशक उच्चतर शिक्षा मंडी व स्कूल के प्रधानचार्य को नोटिस जारी कर उनसे चार सप्ताह के भीतर मामले पर स्टेटस रिपोर्ट तलब की है। यह स्कूल मंडी जिला के गोहर उपमंडल के तहत आता है। विभिन्न समाचार पत्रों में छपी खबरों के अनुसार स्कूल में पढ़ने वाले दलित समुदाय के बच्चों के अभिभावकों ने एडीएम मंडी श्रवण मांटा और एएसपी मंडी पुनीत रघु को शिकायत पत्र सौंपकर कार्रवाई की मांग उठाई है। शिकायत सौंपने वालों में धर्म चंद, हुकम चंद, झाबे राम, टेक चंद, देविंद्र कुमार, पवन कुमार, घनश्याम, यशवंत, चौधरी राम और सुनील कुमार शामिल हैं। शिकायत में कहा गया है कि नौ सितंबर को स्कूल में हो रहे टूर्नामेंट के दौरान वहां कार्यरत कर्मचारियों ने उनके बच्चों के साथ जातिगत भेदभाव किया। बच्चों को कहा गया कि वे न तो किसी को पानी बांटेंगे और न ही साथ बैठकर खाना खाएंगे। प्रधानाचार्य पर आरोप है कि उन्होंने मामले की गंभीरता को नहीं समझा और इसे दबाने का प्रयास किया व बच्चों पर दबाव बनाया कि इस बात को घर पर न बताया जाए। बच्चों का कहना था कि ऐसी प्रताड़ना से तो उनका अनपढ़ रहना ही ठीक है। अभिभावकों ने जिला प्रशासन और पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच करवाकर दोषियों को कठोर सजा देने की मांग उठाई है।

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