हमीरपुर-चंबा में एमसीआई टीम की दबिश

डा. राधाकृष्णन मेडिकल कालेज की जांची व्यवस्था; म्यूजियम, बस सेवा को लेकर जवाब तलब

हमीरपुर – मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया के दौरे से सोमवार को डा. राधाकृष्णन मेडिकल कालेज के प्रबंधों की पोल खोल दी। टीम के निरीक्षण में सामने आया कि मेडिकल कालेज का अपना म्यूजियम नहीं है। वहीं छात्रों के लिए अपनी बस तक नहीं है। मेडिकल कालेज की लाइब्रेरी तो है, लेकिन इसमें पुस्तकों की कमी है। यहां एचआटीसी की बस को हायर कर किसी तरह व्यवस्था की गई है। मेडिकल कालेज का दूसरा बैच चल रहा है। इसमें 120 स्टूडेंट्स एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे हैं, लेकिन विडंबना है कि इनके लिए मेडिकल कालेज के पास छात्रावास तक नहीं है। किसी तरह किराए के भवनों को हायर कर जुगाड़ से काम चलाया जा रहा है। हायर की गई एचआरटीसी की बस भी कुछ समय पहले बंद कर दी गई थी। पैसों का मसला होने के चलते एचआरटीसी ने सुविधाएं देने से इनकार कर दिया था। हालांकि फिर से एचआरटीसी की सुविधा छात्रों के लिए शुरू की गई है। दो साल में एमसीआई मेडिकल कालेज का चार बार निरीक्षण कर चुकी है। यह टीम का पांचवां विजिट है। हर बार टीम को मेडिकल कालेज में खामियां ही मिलती हैं। कभी वार्डों की हालत खस्ता मिलती है, तो कभी अन्य खामियां सामने आ जाती हैं। सोमवार को सुबह मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया की तीन सदस्यीय टीम ने मेडिकल कालेज में दबिश दे दी। सबसे पहले मेडिकल कालेज एवं अस्पताल के वार्डों का निरीक्षण किया गया। यहां पर स्थिति कुछ खास संतोषजनक नहीं थी। कुछ बेड पर दो मरीज पाए गए हैं। टीम इस निरीक्षण की वीडियोग्राफी सहित अन्य रिकार्ड अपने साथ ले जाएगी। एमसीआई की रिपोर्ट मेडिकल कालेज हमीरपुर के तीसरे बैच का भविष्य तय करेगी। रिपोर्ट में अगर अधिक खामियां पाई गईं, तो तीसरे बैच के बैठने पर संकट मंडरा सकता है।

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