अगले हफ्ते होंगे तीन बड़े धमाके

शिमला – मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर अगले सप्ताह तीन बड़े धमाके कर सकते हैं। पहला, सोमवार को प्रदेश मंत्रिमंडल की अहम बैठक है। इसमें कई बड़े फैसले लिए जाने की संभावना है। इन्वेस्टर्स मीट के बाद हो रही कैबिनेट की बैठक पर प्रदेश भर की नजरें टिकी हैं। दूसरा, हिमाचल प्रदेश की अफसरशाही का बड़े स्तर पर फेरबदल संभावित है। प्रशासनिक सचिवों के विभागों में उथल-पुथल की प्रबल संभावना के चलते ब्यूरोक्रेसी पूरी तरह से इस बुलेटिन पर नजरे गढ़ाए बैठी है। प्रशासनिक सचिवों के अलावा विभागीय निदेशकों और बोर्ड-कारपोरेशन के एमडी-सचिव भी बदले जाएंगे। जिला के उपायुक्तों को सरकार के दो साल के कार्यकाल तक बने रहने का मौका मिल सकता है। बावजूद इसके कुछ जिलों के उपायुक्त सरकार को अखर गए हैं। इस कारण डीसी-एसपी 27 दिसंबर से पहले हट सकते हैं। लिहाजा अगले सप्ताह प्रस्तावित प्रशासनिक फेरबदल में उनका नंबर लग सकता है। राज्य सरकार के लिए सबसे बड़ी चुनौती युवा आईएएस अधिकारियों की फील्ड में ताजपोशी को लेकर बनी हुई है। वर्ष 2013 और 2014 बैच के नौ आईएएस अफसर उपायुक्त के पद के लिए तैयार हैं। इनमें से कुछ आईएएस अफसरों ने अपनी काबिलीयत के दम पर सरकार का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है। लिहाजा सरकार इन अफसरों को जिला में भेजकर बड़ा ईनाम देने के हक में है। इसके अलावा प्रोमोटी आईएएस अफसर भी उपायुक्त पद के प्रबल दावेदार बन गए हैं। इस फेहरिस्त में नौ हिमाचली प्रशासनिक अधिकारी आईएएस रैंक की दहलीज पर खड़े हैं। इनमें भी कुछ अधिकारियों को सरकार जिला में भेजने का मन बना चुकी है। यही कारण है कि अगला सप्ताह हिमाचल की ब्यूरोक्रेसी के लिए भी अहम रहेगा। हालांकि डीसी-एसपी को तुरंत प्रभाव से बदलने पर अभी सस्पेंस बना हुआ है। तीसरा, मंत्रिमंडल के विस्तार पर सबकी नजरें टिकी हैं। कयास लगाए जा रहे हैं कि मुख्यमंत्री अगले सप्ताह अपनी कैबिनेट में एक नया चेहरा शामिल कर सकते हैं। इसके अलावा कुछ मंत्रियों के विभागों में फेरबदल की भी प्रबल संभावनाएं हैं। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि केंद्रीय हाइकमान से चर्चा के बाद मंत्रिमंडल का विस्तार होगा। उन्होंने मंत्रियों के विभागों में बदलने की संभावनाओं को भी नहीं नकारा है। इस कारण सियासी पंडितों की निगाहें अगले सप्ताह पर बनी हुई हैं। माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर कैबिनेट का एक खाली पद भर सकते हैं। दूसरे रिक्त स्थान को बाद में भरे जाने की संभावना है। इतना स्पष्ट है कि कैबिनेट का विस्तार अब लटका तो फिर इसके लिए लंबा इंतजार करना पड़ेगा।

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