अपनों पर ही बिफरे दिग्विजय सिंह, कहा- आधे कांग्रेसियों को नहीं पता क्या है आर्टिकल 370

भोपाल – केंद्र सरकार की ओर से आर्टिकल 370 हटाने का समर्थन करें या फिर विरोध, इस पर अभी कांग्रेस भ्रमित नजर आ रही है। गुरुवार को मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने आर्टिकल 370 हटाए जाने का समर्थन करने वाले कांग्रेसियों को ही आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि आधे से ज्यादा कांग्रेसियों को यह पता ही नहीं है कि आखिर आर्टिकल 370 है क्या? पूर्व पीएम जवाहर लाल नेहरू की जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में दिग्विजिय ने कहा, ‘आधे से ज्यादा कांग्रेसियों को यही पता नहीं है कि 370 क्या है। वे कहते हैं कि केंद्र सरकार ने अच्छा काम किया, क्या अच्छा किया?’ उन्होंने कहा कि कश्मीर हमारे हाथ से फिसल रहा है। यदि हम कश्मीर चाहते हैं तो फिर कश्मीरियों को साथ लेना होगा। बता दें कि दिग्विजय सिंह के प्रतिद्वंद्वी माने जाने वाले मध्य प्रदेश के ही दिग्गज नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने केंद्र सरकार के इस फैसले का समर्थन किया था। इसके अलावा पूर्व पीएम मनमोहन सिंह ने भी कहा था कि जब 370 हटाने का बिल संसद में आया था तो हमने इसका समर्थन किया था, लेकिन हटाने के तौर-तरीके का विरोध किया था। यही नहीं हरियाणा के दीपेंद्र सिंह हुड्डा और मुंबई कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष मिलिंद देवड़ा जैसे युवा नेताओं ने भी इस फैसले पर केंद्र सरकार का समर्थन किया था। इसके अलावा दिग्विजय सिंह ने आरएसएस और बीजेपी पर सबरीमाला मुद्दे को लेकर कहा कि जैसे उन्होंने अयोध्या पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को स्वीकार किया था, वैसे ही इसे भी मानें। सबरीमाला और कई अन्य धार्मिक मामलों को 7 सदस्यीय संवैधानिक बेंच को सौंपे जाने को लेकर उन्होंने यह बात कही। कांग्रेस के सीनियर लीडर ने अयोध्या को लेकर कहा कि हम हमेशा से यह कहते रहे हैं कि ऐसे विवादों का फैसला सुप्रीम कोर्ट से ही होना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘मुझे खुशी है कि अयोध्या पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को सभी पक्षों ने स्वीकार किया है। बीजेपी और आरएसएस को इसे स्वीकार करना चाहिए। उन्हें सबरीमाला के फैसले को भी ऐसे ही मानना चाहिए, जैसे उन्होंने अयोध्या पर सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का स्वागत किया।’ इसके साथ ही पूर्व सीएम ने मौजूदा सरकार पर इतिहास से छेड़छाड़ करने और आजादी के नायकों की छवि को बिगाड़ने का भी आरोप लगाया।

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