ऊना सहकारिता आंदोलन का जनक

हिमकैप्स लॉ एंड नर्सिंग कालेज मेंं बोले पंचायती राज मंत्री वीरेंद्र कंवर

हरोली –हिमकैप्स लॉ एंड नर्सिंग कालेज में आयोजित अखिल भारतीय सहकारी सप्ताह के अंतर्गत राज्य स्तरीय कार्यक्रम में ग्रामीण विकास, पंचायती राज, मत्स्य तथा पशु पालन मंत्री वीरेंद्र कंवर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश का ऊना जिला सहकारिता आंदोलन का जनक है। वर्ष 1892 में पंजावर में मियां हीरा सिंह ने भू-संरक्षण सभा के माध्यम से सहकारिता का मंत्र प्रदान किया, जिसके बाद यह देश भर में सहकारिता आंदोलन बन गया। वीरेंद्र कंवर ने कहा कि सहकारिता के माध्यम से युवाओं को रोजगार प्रदान किया जा सकता है और इससे प्रदेश का विकास भी होगा। उन्होंने कहा कि ऊना जिला में बहुत से परिवार पशु पालन से जुड़े हैं और यहां दूध का उत्पादन काफी अधिक है। ऐसे में सहकारी सभाओं के माध्यम से दूध उत्पादकों को लाभ दिया जा सकता है। सहकारी सभाओं के संचालन में कुेछ कमियां भी हैं, जिन्हें दूर कर आगे बढ़ना होगा तभी समाज का उत्थान होगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बहुत सी सहकारी सभाएं अच्छा काम कर रही हैं और इसके लिए उनके प्रबंधक बधाई के पात्र हैं। वहीं, कार्यक्रम में उपस्थित गगरेट के विधायक राजेश ठाकुर ने कहा कि सहकारी सभाओं का ऑडिट प्रतिवर्ष होना चाहिए। अगर ऑडिट सही ढंग से होता है तो इससे सभाओं के कामकाज में पारदर्शिता आएगी। उन्होंने सहकारी सभा के माध्यम से जिला में शुगर मिल लगाने की मांग भी की।

चेयरमैन देशराज ने मंत्री से रखी यह मांग

66वें अखिल भारतीय सहकारी सप्ताह के अंतर्गत राज्य स्तरीय समारोह में हिम कैप्स लॉ एंड नर्सिंग कालेज के चेयरमैन देशराज राणा ने मुख्यातिथि राजीव सहजल के समक्ष मांग पत्र भी रखा। उन्होंने कहा कि कालेज में पहले से ही लॉ और नर्सिंग की कक्षाएं चल रही हैं। सरकार से अब कालेज में पोस्ट बेसिक नर्सिंग की कक्षाएं शुरू करने का आग्रह किया गया है। इस दौरान मुख्यातिथि राजीव सहजल ने कालेज चेयरमैन देशराज राणा को आश्वासन दिया कि जल्द ही उनकी मांगों पर विचार किया जाएगा।

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