ऐतिहासिक ऊँचाई को छूकर फिसला सेंसेक्स, निफ्टी भी 12 हजार से नीचे उतरा

 

वैश्विक साख निर्धारक एजेंसी मूडीज द्वारा भारतीय अर्थव्यवस्था का आउटलुक ‘स्थिर’ से घटाकर ‘नकारात्मक’ करने से गुरुवार को घरेलू शेयर बाजारों में निवेश धारणा कमजोर हुई और बीएसई का सेंसेक्स ऐतिहासिक उच्च स्तर से 330.13 अंक यानी 0.81 प्रतिशत लुढ़ककर 40,323.61 अंक पर आ गया।इससे पहले बीच कारोबार में सेंसेक्स ने 40,749.33 अंक की ऐतिहासिक ऊंचाई को भी छुआ। चौतरफा बिकवाली के बीच नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 103.90 अंक यानी 0.86 फीसदी की गिरावट में 11,908.15 अंक पर बंद हुआ जो एक सप्ताह का निचला स्तर है। मझौली और छोटी कंपनियों में भी बिकवाली का जोर रहा। बीएसई मिडकैप 0.79 प्रतिशत टूटकर 14,731.11 अंक और स्मॉलकैप 0.53 प्रतिशत की गिरावट के साथ 13,474.75 अंक पर बंद हुआ।मूडीज ने यह कहते हुये भारत की साख का परिदृश्य ‘स्थिर’ से घटाकर ‘नकारात्मक’ कर दिया है कि अभी कुछ समय तक आर्थिक विकास की रफ्तार धीमी बनी रहेगी। उसने कहा है कि अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के सरकार के उपाय निष्प्रभावी हो रहे हैं। इससे निवेशकों का विश्वास कमजोर हुआ है।रियलिटी, बैंकिंग और टिकाऊ उपभोक्ता उत्पाद समूहों को छोड़कर अन्य सभी समूहों के सूचकांक लाल निशान में रहे। एफएमसीजी, धातु, तेल एवं गैस, स्वास्थ्य, आईटी और टेक समूहों में डेढ़ फीसदी से अधिक की गिरावट रही।सेंसेक्स की 30 में 24 कंपनियाँ लाल निशान में बंद हुईं। सनफार्मा ने सबसे ज्यादा सवा चार फीसदी का नुकसान उठाया। येस बैंक में सर्वाधिक पौने चार प्रतिशत की तेजी रही।विदेशी बाजारों में रही गिरावट ने भी घरेलू शेयर बाजारों पर दबाव बनाया। एशिया में दक्षिण कोरिया का कोस्पी 0.33 प्रतिशत, चीन का शंघाई कंपोजिट 0.49 प्रतिशत और हांगकांग का हैंगसेंग 0.70 प्रतिशत की गिरावट में रहा। वहीं जापान का निक्की 0.26 फीसदी की तेजी में बंद हुआ। यूरोप में शुरुआती कारोबार में ब्रिटेन का एफटीएसई और जर्मनी का डैक्स 0.25 प्रतिशत टूटे।

 

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