ऐसे बनाए सतलुज की डीपीआर

ऊना – सतलुज नदी का पुर्नद्धार करने के लिए बनने जा रही विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) पर आज ऊना में वन मंडलाधिकारी मृत्युंजय माधव की अध्यक्षता में बैठक हुई। बैठक में डीएफओ ऊना ने कहा कि जिला में बहने वाली स्वां, सतलुज की सहायक नदी है। ऐसे में जिला ऊना में सुधार कार्य किए जाएंगे, जिनमें पौधारोपण, रिवर फ्रंट व ईको पार्क का विकास तथा वाइल्ड लाइफ मैनेजमेंट शामिल हैं। उन्होंने भारतीय वानिकी अनुसंधान एवं शिक्षा परिषद देहरादून तथा हिमालयन वन अनुसंधान संस्थान शिमला को इस कार्य में वन विभाग की ओर से पूर्ण सहयोग प्रदान करने का आश्वासन दिया। बैठक के दौरान मृत्युंजय माधव ने जल अधिग्र्रहण क्षेत्रों में वानिकी उपचारों के बारे में अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने प्रदेश में जल संरक्षण की विभिन्न तकनीकों के साथ-साथ मृदा व जल संरक्षण के बारे में जानकारी प्रदान की। इस बैठक के दौरान संपूर्ण सत्रों में विभिन्न विभागों से आए अधिकारियों तथा वैज्ञानिकों ने अपने-अपने सुझाव दिए। बैठक में उपस्थित भारतीय वानिकी अनुसंधान शिक्षा परिषद, देहरादून के अखिल शर्मा ने कहा कि क्षेत्रीय संस्थानों के माध्यम से देश के नौ नदी बेसिनों से संबंधित 13 नदियों (ब्यास, चिनाव, झेलम, रावी, सतलुज, यमुना, ब्रह्मपुत्र, महानदी, नर्मदा, कृष्णा, गोदावरी, कावेरी, लूनी) को व्यावहारिक व समग्र रणनीतियों पर आधारित वानिकी गतिविधियों के माध्यम से पुर्नद्धार करने के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार की जा रही है। इसमें अवधारणा, प्रक्रिया, मुद्दों व चुनौतियों पर जानकारी प्रदान की जाएगी।

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