खतरे में सेहत…यूरिया वाला दूध पी रहा हमीरपुर

दो दिन में पांच सैंपल फेल, ज्यादा कमाई-गाढ़ा करने के लिए मिलाइर््र जा रही खाद

हमीरपुर –शहर में खुला बिक रहा लोकल दूध भी घटिया किस्म का है। लोकल दूध में भी यूरिया मिलाकर लोगों की सेहत से खिलवाड़ हो रहा है। कमाई के चक्कर में कुछ डेयरी संचालक व कुछ घरों से दूध बेचने वाले लोग दूध को गाढ़ा करने के लिए इसमें खाद मिला रहे हैं। दो दिनों में दूध के पांच सैंपल फेल हो चुके हैं। दो में अत्याधिक यूरिया मिला है, जबकि तीन में जरूरत से कहीं ज्यादा पानी मिलाया गया था। अब तक लोकल दूध पर आंख मूंद कर विश्वास कर रहे लोगों के लिए यह सबसे बुरी खबर है। गुणवत्तायुक्त दूध बच्चों को पिलाने के लिए लोग पैकिंग के दूध की बजाय डेयरी या फिर घरों में पाले गए पशुओं के दूध को तवज्जो दे रहे थे। इस दूध में भी जानलेवा यूरिया पाया गया है। ऐसे में दूध पीना बीमारियों को दावत देना है।  हमीरपुर जिला के लोगों को पेयजल तो शुद्ध मिल रहा है, लेकिन दूध में गड़बड़ है। लोकल दूध बेचने वालों से लेकर ब्रांडेड कंपनी के दूध में यूरिया का पाया जाना चिंता का विषय है। खाद्य एवं सुरक्षा विभाग की मोबाइल वैन ने मंगलवार को जिला में दूध, पानी, जूस आदि के सैंपल जांचे। हमीरपुर शहर में पानी के सैंपल तो सही पाए गए, लेकिन दूध में पानी की मिलावट ज्यादा पाई गई है। फूड एंड सेफ्टी विभाग हमीरपुर की मोबाइल टेस्टिंग वैन में मंगलवार को हमीर भवन के पास लोगों के पानी, दूध और जूस के सैंपल ऑन द स्पॉट जांचने की सुविधा दी गई। सैंपल जांच की रिपोर्ट लोगों को कुछ समय में ही मिल रही है। लोग सैंपल की रिपोर्ट को लेकर काफी उत्साहित दिखे। अब तक दो दिन में 65 सैंपल जांच गए हैं। इसमें पांच की रिपोर्ट सही नहीं। दूध के दो सैंपल में यूरिया व तीन में अत्याधिक मात्रा में पानी मिला है। बता दें कि दूध रोजाना प्रयोग में लाया जाता है। शहर में बसे लोगों के लिए नजदीकी डेयरी या फिर नजदीकी ग्रामीण क्षेत्र से दूध की आपूर्ति हो रही है। इस दूध पर शहरवासी सबसे अधिक विश्वास जताते आए हैं। अब यह विश्वास भी टूट गया है। खुले में बिक रहे दूध में भी खाद मिलाई गई है। सूत्रों की माने को यूरिया मिलाने से दूध गाढ़ा हो जाता है। गाढ़ा दूध देखकर ग्राहक यही सोचता है कि दूध की गुणवता बेहतर है, हालांकि ऐसा बिलकुल भी नहीं है। ग्राहक को बेवकूफ बनाकर मोटी कमाई की जा रही है।

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