खुद के जीवन से जुड़ा विषय है मानवाधिकार

मानवाधिकार में करियर संबंधित विस्तृत जानकारी प्राप्त करने के लिए हमने नूतन कंवर से बातचीत की। प्रस्तुत हैं बातचीत के प्रमुख अंश…

डा. नूतन कंवर, यूनिवर्सिटी इंस्टीच्यूट ऑफ  लीगल स्टडी, एचपीयू, शिमला

मानवाधिकार के बारे में संक्षेप में बताएं?

मानव का जीवन उसे मिले अधिकारों के बिना निराधार सा है। मानव जीवन को सरल और अपनी एक अलग पहचान दिलाने में उसे मिले अधिकारों का बड़ा महत्त्व है और इन्हीं अधिकारों को हम मानवाधिकार में शामिल करते हैं।

मानवाधिकार में करियर की क्या संभावनाएं हैं?

आज के युग में जहां मनुष्य अपने संवैधानिक अधिकारों को लेकर जागरूक हो रहा है, तो ऐसे में संवैधानिक अधिकारों को समझने के लिए सबसे ज्यादा जरूरी है हमें अपने मानवाधिकारों के बारे में जागरूक होना। वर्तमान समय में मानव अधिकार के क्षेत्र में करियर की अपार संभावनाएं हैं।

रोजगार के अवसर किन क्षेत्रों में उपलब्ध हैं?

सामाजिक न्याय, बाल अपराध संबंधी न्याय, लिंग भेद संबंधी न्याय, परिरक्षक न्याय तथा प्रत्यक्ष सेवा, निगरानी एवं मूल्यांकन, लॉबिंग और नेटवर्किंग, एडवोकेसी, नीति विकास, प्रलेखन एवं अनुसंधान सहित जलवायु न्याय के उभर रहे क्षेत्रों में सामाजिक कार्यकर्ता के लिए रोजगार के बेहद अवसर हैं। कई सरकारी जैसे राष्ट्रीय एवं राज्य मानवाधिकार आयोग, अंतरराष्ट्रीय तथा गैर सरकारी संगठन, एमनेस्टी इंटरनेशनल, क्राइम, ह्यूमन राइट्स वॉच, एशियन सेंटर फॉर ह्यूमन राइट्स आदि संस्थाएं हैं, जो मानवाधिकार के जानकारों को रोजगार देती हैं। इनके अलावा मानवाधिकार मामलों पर कार्य करने वाली कई संयुक्त राष्ट्र एजेंसियां हैं, जो मानवाधिकार के जानकारों को रोजगार प्रदान करती हैं। अध्यापन के क्षेत्र में भी बड़े अवसर हैं।

इस करियर के लिए शैक्षणिक योग्यता क्या है?

मानवाधिकार के क्षेत्र में करियर बनाने के लिए छात्र की न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता किसी भी संकाय में जमा दो होना अनिवार्य है। इसके साथ ही छात्र यूजी डिग्री हासिल कर मानवाधिकार विषय में डिप्लोमा कोर्स कर सकता है।

इस क्षेत्र में आरंभिक आय कितनी है?

मानवाधिकार विषय में रोजगार और आय अभ्यर्थी की योग्यता पर निर्भर करती है। अगर अभ्यर्थी योग्य है और किसी अच्छी सरकारी और निजी कंपनी में कार्य करता है तो आय 50 हजार से अधिक हो सकती है। वहीं छोटे और मध्यम संस्थानों में भी इस क्षेत्र में आय 20 से 25 हजार के बीच हासिल हो सकती है।

इस फील्ड में आने वाले युवाओं में क्या खास गुण होने चाहिए?

मानवाधिकार खुद के जीवन से जुड़ा विषय है। बेहतर राइटिंग स्किल्स, मैनेजमेंट, लीगल, कम्युनिकेशन, रिपोर्टिंग, रिसर्च, डाक्युमेंटिंग, टीम वर्क स्किल युवा में इस फील्ड में आने के लिए होना आवश्यक।

हिमाचली युवाओं के लिए इस क्षेत्र में क्या चुनौतियां हैं?

बात हिमाचल की करें, तो सबसे बड़ी चुनौती यही है कि हिमाचल में शिक्षण संस्थानों में विधि और राजनीतिक शास्त्र के छात्रों को छोड़कर मानवाधिकार विषय के बारे में छात्रों को नहीं पढ़ाया जाता है, जिसके अभाव में हम कहीं न कहीं अपने मानवाधिकारों को समझने में पिछड़ रहे हैं।

–   प्रतिमा चौहान, शिमला

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