जिला मुख्यालय से कटा आनी-वाह्य सराज

आनी – क्षेत्र मे हुई वर्षा व बर्फबारी से यहां का संपूर्ण जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। बर्फबारी के कारण  आनी उपमंडल को जिला मुख्यालय से जुड़ने वाले एनएच 305 सड़क मार्ग के मध्य लगभग 10280 फुट की ऊंचाईं पर स्थित जलोडी दर्रे पर  मौसम का पहला हिमपात होने से मार्ग  के खनाग व घियागी के मध्य यातायात के लिए बंद हो गया है। जिससे आनी वाहय सिराज क्षेत्र का जिला मुख्यालय कुल्लू से सीधा संपर्क पूर्णतयः कट गया है। ऐसे में आनी उपमण्डल के लोगों एविभागीय अधिकारियों व कर्मचारियों तथा शिक्षण संस्थानों के छात्रों को जिला मुख्यालय जाने के लिए भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि जलोडी दर्रे तथा बर्फबारी की समस्या से  निपटने के लिए समय-समय पर कांग्रेस व भाजपा सरकारों ने जलोडी दर्रे के नीचे टनल बनाने की प्रस्तावना को जनता के बीच रखा और केंद्र सरकार तक भी इस मुद्दे को उठाया। जबकि वर्तमान प्रदेश सरकार ने टनल के प्रारंभिक कार्य को शुरू करने के लिए भारत सरकार के भूतल परिवहन मंत्रालय को 4200 मीटर लंबी टनल निर्माण के लिए  रफ कॉस्ट प्राकलन भेजा है,जिसकी मंजूरी अभी तक नहीं मिली है। ऐसे में टनल का यह मुद्दा फिलहाल ठंडे बस्ते में पड़ा है,जबकि  कांग्रेस व भाजपा दल इस मुद्दे पर अपनी राजनीतिक रोटियां सेंक रहे हैं। गौरतलब है कि एनएच 305 सड़क मार्ग, आनी उपमंडल को जिला मुख्यालय से जोड़ने वाला एक मात्र सड़क मार्ग है,जिसके बंद होने से यहां के लोगों को वाया रोहांडा मंडी,शिमला व धामी  वैकल्पिक मार्ग से दो से तीन गुना से अधिक का सफर तय करना पड़ता है। ऐसे में जलोडी दर्रे की समस्या से निपटने के लिये प्रस्तावित जलोडी जोत टनल के निर्माण को जल्द सिरे चढाया जाना चाहिए। समुद्रतल से लगभग 10280 फुट की ऊंचाई पर स्थित जलोडी दर्रा सर्दियों में बर्फबारी के कारण और बरसात में भारी वर्षा के चलते भूस्खलन से यातायात के बंद रहता है,जिस कारण आनी बाह्य सराज क्षेत्र का जिला मुख्यालय कुल्लू से सीधा संपर्क पूरी तरह से कट जाता है और  इससे क्षेत्र के लोगों को भारी परेशानी का सामना करना है। जबकि जलोडी टनल के बनने से आनी वाहय सिराज क्षेत्र जहां वर्ष के 12 माह बिना किसी बाधा के जिला मुख्यालय कुल्लू से जड़ा रहेगा। वहीं यह टनल पर्यटन, सुरक्षा व सामायिक दृष्टि से भी बेहद महत्वकांशी साबित होगी। मगर आनी वाह्य सिराज क्षेत्र की यह योजना अभी तक सपना मात्र ही है।

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