टीम इंडिया पहले ही दिन ड्राइविंग सीट पर

इंदौर टेस्ट में भारतीय गेंदबाजों ने 150 पर ढेर किए बांग्लादेशी, जवाब में रोहित को गंवा बनाए 86 रन

इंदौर – मोहम्मद शमी की अगवाई में तेज़ गेंदबाज़ों के जबरदस्त प्रदर्शन की बदौलत विश्व की नंबर एक टेस्ट टीम भारत ने बांग्लादेश को पहले क्रिकेट टेस्ट के पहले दिन गुरुवार को 150 रन पर ढेर कर दिया। भारत ने दिन की समाप्ति तक अपनी पहली पारी में एक विकेट के नुकसान पर 86 रन बना लिए। भारत ने पहले दिन स्टंप्स तक अपनी पहली पारी में एक विकेट खोकर 26 ओवर में 86 रन बना लिए हैं। रोहित शर्मा छह रन बनाकर अबु जाएद की गेंद पर लिट्टन दास को कैच दे बैठे। ओपनर मयंक अग्रवाल ने 81 गेंदों में छह चौकों की मदद से 37 रन और चेतेश्वर पुजारा ने 61 गेंदों में सात चौके लगाकर 43 रन बना लिए हैं और दोनों नाबाद क्रीज़ पर हैं। भारत नौ विकेट शेष रहते अब बांग्लादेश से केवल 64 रन ही पीछे है, जिसे उसने पहली पारी में 150 के निजी स्कोर पर ढेर कर दिया था। बांग्लादेश ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया था, लेकिन उसका यह फैसला सिरे से गलत साबित हुआ और अपने ओपनरों को 12 रन पर गंवाने के बाद बांग्लादेश की टीम मुकाबले में नहीं लौट सकी और उसकी पहली पारी 58.3 ओवर में 150 रन पर सिमट गई। मोहम्मद शमी ने 13 ओवर में 27 रन पर तीन विकेट, इशांत शर्मा ने 12 ओवर में 20 रन पर दो विकेट, उमेश यादव ने 14.3 ओवर में 47 रन पर दो विकेट और ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने 16 ओवर में 43 रन पर दो विकेट लिए। लेफ्ट आर्म स्पिनर रवींद्र जडेजा को हालांकि कोई विकेट नहीं मिला, लेकिन उन्होंने एक खिलाड़ी को रनआउट किया।

शमी बोले, हालात का फायदा उठाया

इंदौर –  दिन का खेल समाप्त होने के बाद मोहम्मद शमी ने अपनी योजनाओं के बारे में बात की। उन्होंने बताया कि उन्होंने किस तरह हालात के अनुसार बोलिंग की। शमी ने कहा कि मैं परिस्थितियों के अनुसार गेंदबाजी करना चाहता था। इस भारतीय तेज गेंदबाज ने कहा कि मैंने अपनी योजनाओं के अनुसार ही गेंदबाजी की। शमी ने कहा कि बीते दो साल से मैं क्रीज के छोर से भी गेंद फेंक रहा था। भारत के लिए बीते दो साल से शानदार गेंदबाजी कर रहे इस तेज गेंदबाज ने कहा कि मैं बल्लेबाज को देखकर ही अपनी योजनाएं बनाता हूं। उन्होंने कहा कि मुझे अपनी टीम और देश के लिए अच्छा प्रदर्शन करके काफी खुशी होती है।

तेंदुलकर का दावा, नहीं बचे विश्व स्तरीय गेंदबाज

इंदौर – महान क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर खेल के पारंपरिक प्रारूप को लेकर चिंतित हैं, क्योंकि टेस्ट क्रिकेट को लेकर जो दिलचस्पी पहले बनी रहती थी, अब वह समाप्त हो गई है।  भारतीय क्रिकेटर ने अपने पदार्पण (15 नवंबर 1989) के बाद से पिछले 30 वर्षों में क्रिकेट में हो रहे बदलाव का आकलन करते हुए कहा कि लोग जो प्रतिद्वंद्विता देखना चाहते थे, वह अब नहीं रही है, क्योंकि इस समय विश्व स्तरीय तेज गेंदबाजों की बहुत कमी है। मुझे लगता है कि इस चीज की कमी अखरती है। इसमें कोई शक नहीं कि तेज गेंदबाजों का स्तर बेहतर किया जा सकता है।

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