ठंड में शिशु की देखभाल

अगर बात नवजात शिशु की सेहत की हो तो विशेष सावधानी बरतनी जरूरी है, क्योंकि उनकी त्वचा बेहद संवेदनशील और कोमल होती है, जिससे उन्हें निमोनिया या पीलिया होने का खतरा बढ़ जाता है…

वैसे तो ठंड के सीजन में सभी को अपनी हैल्थ का ख्याल रखना चाहिए, लेकिन अगर बात नवजात शिशु की सेहत की हो तो विशेष सावधानी बरतनी जरूरी है, क्योंकि उनकी त्वचा बेहद संवेदनशील और कोमल होती है, जिससे उन्हें निमोनिया या पीलिया होने का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए ठंड की दस्तक से पहले हम आपको सर्दियों में नवजात शिशु को ठंड से बचाने वाले उपाय बता रहे हैं।

गर्म तेल से करें मालिश

बच्चों को सर्दी के मौसम में हेल्दी और फिट रखने के लिए गर्म तेल से मालिश करना बहुत फायदेमंद होता है, इससे शरीर में रक्त का प्रवाह अंदरूनी रूप से गरमाहट पैदा करता है। साथ ही मस्सल्स भी स्ट्रांग बनती है, इसलिए सप्ताह में 2-3 बार गर्म तेल से मालिश जरूर करें।

गर्म पानी से नहलाएं या स्पांज बाथ दें

गर्म तेल की मालिश के बाद शिशु को गर्म पानी से नहलाएं या स्पांज बाथ जरूर दें। इससे शरीर में ब्लड सर्कुलेशन तेज होता है, जिससे बच्चे को ताजगी महसूस होती है और गरमाहट मिलती है। साथ ही बीमारियों वाले बैक्टीरिया और रोगाणुओं से बचाव होता है।

धूप में जरूर लेकर जाएं

सर्दी के मौसम में धूप में बैठना हर किसी को पसंद आता है। ऐसे ही नवजात शिशु को सूरज की रोशनी में दिन में कम से कम 30 मिनट के लिए लेकर जरूर बैठें। इससे उसे गरमाहट के साथ विटामिन डी भी मिलेगा। जिससे शरीर की हड्डियों को मजबूती मिलती है, लेकिन खुले में सूरज की रोशनी में लेकर बैठने से बचें। हमेशा शीशे से बंद जगह पर ही धूप में बैठें।

मां के दूध का सेवन

नवजात शिशु के लिए मां के दूध को अमृत माना जाता है। ऐसे में सर्दियों में उसको दिन में कम से कम 4-5 बार सेवन करवाना बेहद फायदेमंद रहेगा। इससे उसे मौसमी बीमारियों से बचने में मदद मिलती है।

लेयरिंग से शिशु को रखें गर्म

नवजात शिशु को ठंड से बचाने के लिए उसे लेयरिंग यानी 2 या 3 लेयर के कपड़े पहनाएं। इसके साथ रात को सोने वाली जगह को गर्म पानी की बोतल से पहले गर्म कर लें, फिर शिशु को सुलाने से पहले उसे हटा लें। इससे शिशु को लंबे समय तक गरमाहट महसूस होगी और ठंड से बचाव होगा।

 

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