थोक महंगाई में नरमी

अक्तूबर में मुद्रास्फीति दर घटकर 0.16 प्रतिशत पर

नई दिल्ली – बाजार में पर्याप्त आवक और जमाखोरी रोकने के सरकार के सतत् प्रयासों से अक्तूबर 2019 में थोक मूल्यों पर आधारित मुद्रास्फीति की दर 0.16 प्रतिशत दर्ज की गई है। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने गुरुवार को जारी आंकड़ों में यह जानकारी दी गयी। आंकड़ों के अनुसार सितंबर 2019 में थोक मुद्रास्फीति की दर 0.33 प्रतिशत रही थी, जबकि अक्तूबर 2018 में यह आंकड़ा 5.54 प्रतिशत था। चालू वित्त वर्ष में बिल्डअप मुद्रास्फीति की दर 1.92 प्रतिशत रही है। इससे पिछले वित्त वर्ष के इसी माह में थोक मुद्रास्फीति की दर 4.90 प्रतिशत थी। आंकड़ों में बताया गया है कि खाद्य वस्तु समूह के फल एवं सब्जी के दाम पिछले महीने के मुकाबले 11 प्रतिशत, अंडा एवं सूअर का मांस के चार प्रतिशत, उड़द, चाय एवं गेहू के दो प्रतिशत, राजमा, मसाला, समुद्री मछली, मुर्गे का मांस, चना एवं मूंग एक प्रतिशत बढ़ी हैं। हालांकि इसी समूह में बाजरा के दाम छह प्रतिशत,रागी तीन प्रतिशत और मक्का एवं जौ के दाम एक प्रतिशत गिरे हैं। गैर खाद्य वस्तु समूह में अरंडी के दाम 15 प्रतिशत, कच्ची रबड़ नौ प्रतिशत, कच्ची कपास चार प्रतिशत, कच्ची खाल एवं सोयाबीन तीन प्रतिशत, मूंगफली और नारियल रेशा एक प्रतिशत गिरावट में रहे है। हालांकि फूल 14 प्रतिशत, कच्चा सिल्क नौ प्रतिशत, तिल पांच प्रतिशत, करडी चार प्रतिशत, काला तिल तीन प्रतिशत, कच्चा जूट दो प्रतिशत एवं सरसों एक प्रतिशत बढ़े हैं। विनिर्मित खाद्य उत्पादों के समूह शहद के दाम छह प्रतिशत, सूखा दूध चार प्रतिशत, पाम तेल तीन प्रतिशत, नमक, नारियल तेल, सरसों तेल, आटा, मिश्रित मसाले दो प्रतिशत और विनिर्मित कोकोआ, चॉकलेट, मिठाई, आइसक्रीम, मैदा, सोयाबीन तेल, चावल  छिलका तेल, सूखी मछली, सूजी, गुड़, बेकरी उत्पाद एवं मक्खन एक प्रतिशत की वृद्धि में दर्ज किए गए हैं।

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