दूसरी से संस्कृत पढ़ेंगे छात्र

एजुकेशन बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्ज की बैठक में फैसला, परीक्षा प्रणाली में भी होगा सुधार

धर्मशाला – हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड धर्मशाला की 115वीं बोर्ड ऑफ डायरेक्टर की बैठक शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज की अध्यक्षता में आयोजित की गई। इसमें शिक्षा बोर्ड में शिक्षा की गुणवत्ता को सुधारने और परीक्षा प्रणाली को लेकर कई अहम विषयों को लेकर अहम फैसला किया गया।  शिक्षा बोर्ड की बैठक में संस्कृत विषय को आगामी शैक्षणिक सत्र से दूसरी से शुरू करने के प्रोपोजल को हरी झंडी दिखाई गई है। इसके लिए बोर्ड ने विषय भी तैयार कर लिए हैं। इसके अलावा वैदिक गणित, शतरंज, योग और संगीत विषय भी जल्द ही पाठ्यक्रम भी तैयार करके शामिल किए जाएंगे। वहीं आगामी शैक्षणिक सत्र से स्कूलों में पांचवीं से दसवीं तक के छात्रों को नैतिक शिक्षा व स्वतंत्रता संग्राम की कहानियां के विषय के स्थान पर ‘भारतीय प्रतिरोध एवं स्वतंत्रता संग्राम का इतिहास’ विषय को शामिल किए जाने के प्रोपोजल को हरी झंडी दिखाई गई है। वहीं, स्कूलों में मॉर्निंग एसेंबली में सुधार करते हुए उसमें पर्यावरण, स्वच्छता और नशा मुक्ति के विषय जोड़कर अधिक रोचक और गुणवत्तापूर्ण बनाया जाएगा। वहीं, निजी स्कूलों में डम्मी एडमिशन पर कड़ी नज़र रखी जाएगी, और समय-समय पर स्कूलों के निरीक्षण भी किए जाएंगे। स्कूलों में डम्मी एडमिशन पाए जाने पर एफिलिएशन रद्द कर दी जाएगी। इसके अलावा बोर्ड की परीक्षा प्रणाली में भी बड़े स्तर पर सुधार किए गए हैं। इसके तहत अब छात्रों को पूनर्मूल्यांकन करवाने के बाद निर्धारित तिथि पर दोनों में से कोई भी परिणाम प्राप्त करने की बड़ी छूट प्रदान की गई है। साथ ही 40 की बजाय 25 परीक्षार्थियों पर इन्विजिलेटर की नियुक्ति की जाएगी। इसके अलावा बोर्ड ने अच्छी पुस्तक तैयार करने पर भी तीन करोड़ रुपए सालाना बचाने पर भी कार्य किया है। पिछले वर्ष 73 हज़ार रुपए मिट्रिक टन की बजाय इस बार 69 हज़ार रुपए के हिसाब से पुस्तकें तैयार करवाई गई हैं। वहीं, शिक्षा बोर्ड द्वारा हिंदी के साथ-साथ हिमाचल की दूसरी राज्यभाषा संस्कृत की नाम पट्टिका तैयार की जाएगी। साथ ही पहली बार न्यूज लैटर भी निकाला जाएगा, जिसे हिंदी, संस्कृत और अंग्रेजी भाषा में जारी किया जाएगा। इस मौके पर स्कूल शिक्षा बोर्ड के निदेशक मंडल के सदस्यों में रवि धीमान, अजय महाजन, स्कूल शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष डा. सुरेश कुमार सोनी व एकेडमी कमेटी से अतुल कोठारी सहित सभी अधिकारी मौजूद रहे।

पुनर्मूल्यांकन परिणाम पर बड़ा फैसला

पहले पुनर्मूल्यांकन का परिणाम प्राप्त करने से पहले छात्रों को अपनी पुरानी मार्कशीट जमा करवानी पड़ती थी और उसके आधार पर ही नया रिजल्ट प्रदान किया जाता था, लेकिन शिक्षा बोर्ड ने अब छात्रों को बड़ी राहत प्रदान करते हुए पुनर्मूल्यांकन में अपने पंसदीदा परिणाम को प्राप्त करने की छूट दे दी है। इसके तहत अब छात्रों को निर्धारित तिथि के अनुसार दोनों में से कोई भी परिणाम प्राप्त करने की सुविधा मिल गई है। वहीं, निर्धारित तिथि पर दस्तावेज की प्रक्रिया पूरी न होने पर छात्रों को एफेडेविट भी देना पड़ेगा। पुनर्मूल्यांकन के परिणाम को मैरिट में भी शामिल नहीं किया जाएगा। 

सरकारी स्कूलों में कम कमरे

कई सरकारी प्राथमिक स्कूलों में कमरे तक नहीं हैं। इस पर शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा कि पिछली सरकार ने चुनावों के समय जल्दबाजी में स्कूल खोलने का काम किया है, लेकिन अब जल्द ही स्कूलों कमरे उपलब्ध करवाए जाएंगे।

फीस नहीं बढ़ाई, कम भी नहीं होगी

शिक्षा बोर्ड द्वारा टेट सहित विभिन्न परीक्षाएं आयोजित की जाती हैं। इसमें हमीरपुर व शिमला आयोग से तीन गुणा अधिक फीस वसूली जाती है। बेरोजगार परीक्षार्थियों पर परीक्षा फीस का अधिक दबाब डाला जा रहा है। इस पर शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने भी कहा कि फीस बढ़ाई नहीं गई है, लेकिन कम भी नहीं की जाएगी।

बहुतकनीकी परीक्षाएं 27 नवंबर से

धर्मशाला – हिमाचल प्रदेश तकनीकी शिक्षा बोर्ड धर्मशाला ने बहुतकनीकी परीक्षाओं का शेड्यूल जारी कर दिया है। इसके तहत 27 नवंबर से प्रदेश भर में बहुतकनीकी परीक्षाएं शुरू कर दी जाएंगी। इसके साथ ही परीक्षाओं के लिए उम्मीदवारों के एडमिट कार्ड संबंधित संस्थानों को भेज दिए गए हैं। वहीं, जो संस्थान बंद हो चुके हैं, उनके छात्रों को री-अपीयर में विषयों में भाग लेने के लिए आवेदन किया था, उनके एडमिट कार्ड भी उनके लिए निर्धारित केंद्रों को भेजे गए हैं। छात्रों को अपने-अपने परीक्षा केंद्र में परीक्षा से पहले ही एडमिट कार्ड प्राप्त करने होंगे। वहीं बंद संस्थानों के प्रैक्टिकल भी निर्धारित केंद्रों में ही आयोजित किए जाएंगे। इसके लिए केंद्र में छात्र खुद ही संपर्क कर सकते हैं। साथ ही बोर्ड की वेबसाइट में भी जानकारी प्राप्त की जा सकती है। उधर, शिक्षा बोर्ड के सचिव सुनील वर्मा ने बताया कि बंद संस्थानों के छात्रों को नए केंद्र जारी किए गए हैं।

बंद संस्थानों को मिले ये केंद्र

एमजी भुलाहा टिप्पर, गौतम पोलिटेक्नीक, एमआईटी बणी हमीरपुर के एग्जाम सेंटर राजकीय बहुतकनीकी संस्थान हमीरपुर, कांता कालेज जवाली के राजकीय बहुतकनीकी संस्थान कांगड़ा, एमसी बडू, मलवाणा और सेंथल के राजकीय संस्थान सुंदरनगर, देवभूमि पोलिटेक हरोली के डा. बीआर पोलिटेक्नीक अंबोटा, एआईटी नालागढ़ के ग्रीन हिल्स सोलन, हिमालयन पोलिटेक्नीक कालाअंब के हिमालयन इस्टीच्यूट बी फार्मेसी में, बेल्स इंस्टीच्यूट मेहली और गौरी-शंकर पोलिटेक्नीक कालेज सोलन के एनआर पोलिटेक्नीक सोलन, अभिलाषी ग्रुप ऑफ कालेज मंडी के डीआर अभिलाषी मेमोरियल मंडी व मिनर्वा पोलिटेक्नीक इंदौरा के एग्जाम वैष्णो कॉलेज ऑफ इंजिनियरिंग कांगड़ा में करवाए जाएंगे। 

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