दूसरों के घर रोशन करने वालों का कटेगा बिजली-पानी

454 के कनेक्शन काटने के आदेश, ग्रामीण भाखड़ा विस्थापित समिति ने लगाई न्याय की गुहार

बिलासपुर –बिलासपुर के ग्रामीण भाखड़ा विस्थापित खुद को असहज महसूस कर रहे हैं। जहां बिजली-पानी के कनेक्शन कटने की चिंता सता रही है तो वहीं, जमीनों की सेटलमेंट के लिए बार-बार सरकार व प्रशासन के द्वार लगाई गुहार के बावजूद कार्रवाई शुरू न होने से भी परेशानी बढ़ी है। ग्रामीण भाखड़ा विस्थापित समिति ने राज्य सरकार से मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाने के अलावा बिलासपुर शहर के विस्थापितों की तर्ज पर विशेष नीति बनाए जाने की वकालत की है, ताकि विस्थापितों को राहत मिल सके। समिति के प्रधान देशराज शर्मा ने मंगलवार को यहां बताया कि प्रदेश सरकार भाखड़ा विस्थापितों को बांटने का प्रयास कर रही है। 60 के दशक में बने भाखड़ा बांध के कारण बिलासपुर जिला व ऊना के 350 गांव जलमग्र हुए थे, जिसमें बिलासपुर शहर व बिलासपुर जिला के 205 गांव भाखड़ा बांध की भेंट चढ़े थे। उन्होंने बताया कि तत्कालीन समय अपना सब कुछ न्योछावर करने वाले विस्थापितों के लिए कोई नीति नहीं बनाई गई थी तथा शहर के विस्थापितों को तो सरकार ने प्लॉट भी दिए थे, लेकिन ग्रामीण विस्थापित अज्ञानतावश जहां जगह मिली, वहीं बस गए, जबकि उन्हें जमीनें कहीं और मिली थीं। इस कारण आज कई ग्रामीण विस्थापितों के समक्ष बिजली व पानी के कनेक्शन काटने की तलवार लटकी है। यही नहीं, अभी तक 454 लोगों के बिजली व पानी के कनेक्शन काटने के आदेश हैं। उन्होंने बताया कि बिलासपुर शहर के विस्थापितों के अवैध कब्जों को नियमित करने के लिए तो सरकार ने एक विशेष नीति बनाई है, जिसके तहत 150 वर्ग मीटर तक के अवैध कब्जे नियमित किए जाएंगे तथा इसके लिए 30 नवंबर की तारीख आवेदन करने के लिए तय कर रखी है। उन्होंने इस नीति का स्वागत किया है तथा कहा है कि शहरी विस्थापितों के लिए नीति बनाने से उन्हें राहत मिलेगी और उनके सिर पर लटक रही तलवार से छुटकारा मिलेगा। प्रदेश सरकार को ग्रामीण विस्थापितों के लिए भी नीति का निर्धारण करने की मांग की है और उनके द्वारा किए गए कब्जों को नियमित करने का आग्रह किया है। प्रदेश सरकार को इसके लिए मिनी सेटलमेट करवाना चाहिए, ताकि उनके द्वारा बनाए गए आशियानों की जगह उनके नाम हो सके और उन्हें भी राहत मिल सके। उन्होंने बताया कि आज भी कई ग्रामीण विस्थापित मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। इसके बारे में ग्रामीण विस्थापितों का शिष्टमंडल विधायक जीत राम कटवाल, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा व सांसद तथा केंद्रीय राज्य मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर से मिलकर न्याय की गुहार लगा चुका है।

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