धर्मशाला में 1100 करोड़ का निवेश करेगी यूएई की फर्म

तपोवन के पास फाइव स्टार रिजॉर्ट और अंतरराष्ट्रीय स्तर के कन्वेशन सेंटर की स्थापना को मांगीजमीन

धर्मशाला – संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की लुलु इंटरनेशनल फर्म धर्मशाला में 1100 करोड़ रुपए का निवेश करेगी। उक्त कंपनी ने तपोवन के समीप फाइव स्टार रिजॉर्ट और अंतरराष्ट्रीय स्तर के कन्वेशन सेंटर की स्थापना के लिए जमीन मांगी है। यहां दो हजार लोगों की क्षमता वाला कन्वेंशन हॉल बनेगा, जिसमें इन्वेस्टर मीट जैसे मेगा इंवेट आसानी से आयोजित हो जाएंगे। इसके अलावा मुंबई की एंलीगेंट ग्रुप ऑफ इंडस्ट्रीज हिमाचल में रेल के पहिए बनाने का कारखाना स्थापित करने के लिए एक हजार करोड़ निवेश करेगी। इसके लिए कंपनी ने ऊना के गगरेट तथा कांगड़ा के संसारपुर टैरेस में जमीन मांगी है। यूके बेस्ड कंपनी ने ज्वाइंट बैंचर से इलेक्ट्रिक बसों का उद्योग स्थापित करने का प्रोजेक्ट धरातल पर उतारने के संकेत दिए हैं। इन्वेस्टर मीट में पहुंचे कंपनी के निवेशकों ने कांगड़ा के नूरपुर में पांच सौ करोड़ के निवेश का दावा किया है। जयराम सरकार के इन्वेस्टर मीट के शुभारंभ समारोह में एयरटेल कंपनी ने एक हजार करोड़ के निवेश के साथ प्रदेश के दुर्गम क्षेत्रों में नेटवर्क विस्तार का भरोसा दिलाया है। अहम है कि उक्त चारों कंपनियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के बाद प्रदेश सरकार से निवेश के लिए हाथ आगे बढ़ाया है। जयराम सरकार अब तक 92 हजार करोड़ से ज्यादा के निवेश के एमओयू साइन कर चुकी है। हालांकि 614 हस्ताक्षर किए गए एमओयू का धरातल पर उतारकर निवेश होना चुनौतीपूर्ण है। खासकर हाईड्रो तथा नवीकरण ऊर्जा के 33852 करोड़ का निवेश तुरंत प्रभाव से जमीन पर उतरना किसी सपने से कम नहीं दिखता है। इनमें 25 हजार करोड़ के करीब एसजेवीएनएल ने निवेश के एमओयू साइन किए हैं। खास है कि इनमें अधिकतर परियोजनाएं पहले से ही हवा में लटकी हैं। पर्यटन तथा होस्पिटेलिटी के सेक्टर में सबसे ज्यादा निवेश की संभावनाएं पुख्ता आंकी जा रही हैं। जमीन खरीदने के नियमों में हुए सरलीकरण के बाद निवेशक होटल इंडस्ट्री में निवेश की दिलचस्पी दिखा रहे हैं। इसके अलावा हाउसिंग कालोनियों का निर्माण करने के लिए निवेशकों का उत्साह देखने को मिला है। दूसरे क्षेत्रों में हजारों करोड़ के एमओयू हस्ताक्षर हुए हैं, लेकिन धरातल पर इन परियोजनाओं का  उतरना आसान नहीं है। खासकर मेन्यूफेक्चरिंग तथा ट्रांसपोर्ट में निवेश की संभावनाआें को अमलीजामा पहनाना चुनौतीपूर्ण रहेगा।

इतने हुए एमओयू (करोड़ों में)

हाइड्रो व नवीकरण ऊर्जा 33852

पर्यटन, होस्पिटेलिटी     15978

मेन्यूफेक्चरिंग-फार्मा     13015

हाउसिंग-                12278

यूडी-ट्रांसपोर्ट्र             8938

आईटी, इलेक्ट्रोनिक्स-    2815

फूड प्रोसेसिंग-            2401

शिक्षा, स्किल डिवेल्पमेंट  1902

आयुष एवं हैल्थ केयर-   1641

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