पत्रबम के खुलासे ने पालमपुर की सर्द फिज़ाओं में भरी गर्मी, अब क्या…?

सर्द होती नवंबर की फिजाओं में पालमपुर की राजनीति में वायरल पत्रबम को लेकर आई फोरेंसिक रिपोर्ट ने गर्मी भर दी है। सांसद शांता कुमार के चुनावी राजनीति से संन्यास लेने के बाद इस घटनाक्रम ने साफ संकेत दे दिए हैं कि प्रदेश की राजनीति में अहम स्थान रखने वाले पालमपुर क्षेत्र में राजनीति की बिसात पर चालें थमेंगी नहीं। दो महीने पहले पालमपुर में एक वायरल पत्र ने हंगामा बरपा दिया था। यह पत्र राजनीतिक गलियारों में वितरित होने के साथ सोशल नेटवर्क साइट्स पर भी चर्चा का विषय बना था। प्रदेश सरकार के दिग्गज काबीना मंत्री पर अनेक तरह के आरोप लगाते हुए इस पत्र को भाजपा के दिग्गज नेता शांता कुमार को दिया गया था। सोशल नेटवर्क साइट्स पर आते ही इस पत्र ने बवाल मचा दिया और जिस व्यक्ति की साइट पर यह पत्र जारी किया गया था, उसके खिलाफ भवारना थाना में शिकायत भी दर्ज करवाई गई। मामला मौजूदा सरकार के मंत्रियों पर आरोपों का था, तो चर्चांए भी गर्म थी। ऐसे में पूर्व मंत्री के फोन को पुलिस ने कब्जे में लेकर फोरेंसिक जांच शुरू कर दी। अब फोरेंसिक जांच की रिपोर्ट आने के साथ ही राजनीतिक गलियारों में सन्नाटा पसर गया। वहीं आम जनता में सुगबुगाहट है कि आखिरकार एक पूर्व मंत्री को अपनी ही सरकार के मौजूदा मंत्री के खिलाफ इस तरह पत्र जारी करवाने की क्या जरूरत पड़ गई। हालांकि पूर्व मंत्री इस सारे मामले को राजनीति से प्रेरित बता रहे हैं, लेकिन एक बात साफ है कि भाजपा में सामने आ रही गुटबाजी के बीच फोरेंसिक जांच की रिपोर्ट आने वाले समय में भाजपा में नए समीकरण जरूर बनाएगी।

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