पालमपुर बनेगा नगर निगम

जयराम सरकार ने दी सैद्धांतिक मंजूरी, शीत सत्र में आएगा विधेयक

शिमला – धर्मशाला और शिमला के बाद अब पालमपुर प्रदेश का तीसरा नगर निगम बनेगा। पालमपुर को नगर निगम बनाने के लिए जयराम सरकार ने सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। गत दिनों शहरी विकास मंत्री सरवीण चौधरी ने कांगड़ा दौरे के दौरान पालमपुर को नगर निगम का दर्जा देने का ऐलान भी किया था, जिसे अब सैद्धांतिक मंजूरी मिल गई है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री विपिन सिंह परमार के प्रयासों के चलते ही पालमपुर का यह सपना पूरा होने वाला है। शहरी विकास विभाग के सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, सरकार ने विभाग को नगर निगम के लिए मापदंड तैयार करने को कहा है। यानी नगर निगम एक्ट के तहत सभी नियम तैयार होंगे। उसके बाद कैबिनेट की मंजूरी दी जाएगी और विधानसभा के शीत सत्र में विधेयक भी आएगा। प्राप्त जानकारी के मुताबिक शहरी विकास विभाग जल्द ही इस संदर्भ में नगर परिषद पालमपुर की जनता से आपत्तियां भी मांगेगा। पालमपुर को नगर निगम बनाने के लिए दी गई सैद्धांतिक मंजूरी के बाद अब शहरी विकास विभाग ने भी इस दिशा में कवायद तेज कर दी है। नगर परिषद पालमपुर को नगर निगम बनाने के लिए वर्ष 2009 में तत्कालीन धूमल सरकार ने प्रस्ताव तैयार कर दिया था। उस समय नगर निगम में 27 गांवों को शामिल करने के लिए सूची दी गई थी, लेकिन बाद में सरकार बदलने के उपरांत इस दिशा में कोई कार्रवाई नहीं हो पाई। यानी दस वर्षों तक पालमपुर को नगर निगम बनाने का प्रस्ताव सरकार के गलियारों में फंसा रहा। अब वर्तमान की जयराम सरकार ने सैद्धांतिक मंजूरी दी है। शहरी विकास विभाग ने जिला प्रशासन कांगड़ा से भी इस संदर्भ में पूरा ब्यौरा मांगा है, ताकि बिल तैयार होने से पहले कितने वार्ड, जनसंख्या सहित अन्य औपचारिकताएं पूरी की जा सकें। इसके साथ-साथ नगर परिषद पालमपुर से सरकार को दो करोड़ की वार्षिक आय होनी चाहिए।

कितने गांव शामिल होंगे, लगेगा समय

पालमपुर को नगर निगम बनाने के लिए कितने गांवों को शामिल किया जाना है, यह तय होने में समय लगेगा। हालांकि पूर्व में 27 गांव शामिल करने का प्रस्ताव भी तैयार किया था। नगर निगम बनाने के लिए 50 हजार की आबादी जरूरी है। नगर निगम बनाने के लिए तैयार किए गए प्रस्ताव में 21 गांव भवारना ब्लॉक और छह गांव पंचरुखी ब्लॉक के शामिल हो सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक इसमें पालमपुर, हार, बंदला टी एस्टेट, सुगर, आईमा, डिफरपट्ट, बिं्रदावन, खिलडू, घुग्घर, टांडा, निहंग, लोहना, खोली, बंदला, चिंबलहार, चौकी, खलेट, रौडी, बंडविहार, कसौटी, बाग उपरला, मारंडा, टांडा पारला, बनूरी, होल्टा, चौरानी व भरमात अपर गांवों को शामिल किए जाने की संभावना है।  पालमपुर को नगर निगम का दर्जा मिलने की अधिसूचना 31 दिसंबर के बाद जारी होती है, तो यह जनगणना में कंसीडर नहीं होगा। ऐसे में प्रदेश सरकार को नगर निगम पालमपुर की अधिसूचना 31 दिसंबर से पहले करनी होगी।

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