प्रदेश में कनेक्टिविटी सबसे बड़ी बाधा

उद्योगपति बोले; लेबर काफी महंगी, हवाई सेवाओं में हो सुधार, निवेश का दिया आश्वासन

धर्मशाला – इन्वेस्टर मीट के मुख्य वक्ताओं ने प्रदेश में निवेश का आश्वासन देते हुए जयराम सरकार को चुनौतियों का पुलिंदा भी सौंपा है। मोदी के साथ मंच पर बैठे उद्योगपतियों ने हिमाचल में कनेक्टिविटी को बड़ा मुद्दा बताया है। अपने संबोधन में मारुति सुजूकी के आरसी भार्गव ने कहा 2014 से उद्योगपतियों में नई उम्मीद जगी है। नीतियों में बदलाव से उद्योग आगे बढ़े हैं। हिमाचल में लेबर महंगी है। प्रदेश में तीन आईटीआई को गोद लिया गया है। जीएमआर ग्रुप के अध्यक्ष श्रीनिवासन ने कहा हवाई सेवा में सुधार से प्रदेश में विकास बढ़ेगा। उनका कहना था कि रोड कनेक्टिविटी में अभी और सुधार की गुंजाइश है। यह ग्रुप मौजूदा समय में हिमाचल के निजी पावर सेक्टर में सबसे बड़ा निवेशक है। कंपनी ग्रीन एनर्जी और एयरपोर्ट में निवेश करेगी। अडानी ग्रुप के प्रणव अडानी ने कहा कि मोदी ने देश को नई राह दिखाई है, इसकी शुरूआत गुजरात से हुई थी। गुजरात की तर्ज पर देश के बाकी राज्य भी आगे बढ़ने को आतुर हैं। कृषि व बागबानी को बढ़ावा देने के लिए अडानी ग्रुप सहयोग करेगा। बीस हजार बगबानों को ग्रुप पहले से सेब उत्पादन व मार्केटिंग में सहयोग कर रहा है। सौ करोड़ का निवेश किया जाएगा। 356 करोड़ से शिमला सिरमौर व सोलन में गैस वितरण सिस्टम विकसित किया जाएगा। 45 गैस स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। अमेजन के कंट्री हेड अमित अग्रवाल ने कहा भारत में पांच लाख बिज़नेस सेंटर हैं। हिमाचल के हस्तशिल्प उत्पादों को प्रोमोट करेंगे। भारतीय इंटरप्राइस के वाइस चेयरमैन राकेश भारती ने कहा मेरा मानना है हिमाचल जल्द ही शिखर पर होगा। हिमाचल में पहली बार किसी सरकार ने ऐसी पहल की है। बचपन से हिमाचल से यादें जुड़ी हुई हैं। पंजाब में घर हैं व पहाड़ी प्रदेश में आना जाना लगा रहता था। हिमाचल में 15 हजार लोगों को रोजगार उपलब्ध करवाया जा रहा है। ऑप्टिकल फाइबर बिछाने में अन्य राज्यों के मुकाबले शुल्क अधिक होने का मुद्दा उठाया। उन्होंने टॉवर लगाने में दिक्कतें बताई। स्कूलों में अधिक वोकेशनल कोर्स शुरू करने का सुझाव दियाए कहा इससे बेरोजगारी कम होगी। हवाई सेवाएं बढ़ाने पर जोर देने की जरूरत है।

 

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