प्रॉपटी से पैसा जुटाएगा निगम

चंडीगढ़  – चंडीगढ़  प्रशासन नगर निगम की लीजहोल्ड संपत्तियों को फ्रीहोल्ड में परिवर्तित करने पर विचार कर रहा है। संपत्ति के लीजहोल्ड पर नीलाम करने के निगम के अनेक प्रयास विफल हो चुके हैं। निगम अधिकारी व पार्षद पिछले कुछ वर्षों से प्रशासन से अनुरोध कर रहे हैं कि उसे उसकी संपत्ति फ्रीहोल्ड पर नीलाम करने की अनुमति दी जाए। बताया जाता है कि पिछले दिनो प्रशासक से मिले पार्षदों व अधिकारियों ने पुनः यह मांग दोहराई। निगम की लगभग 500 संपत्तियां और करीब  50 एकड़ जमीन खाली पड़ी है और कोई लेने वाला नहीं मिल रहा है। प्रशासन के एक वरिष्ट अधिकारी का कहना था कि पार्षदों की मांग के बाद चंडीगढ़ के प्रशाक ने इस संबंध में अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।  प्रशासक से 152 करोड़ रुपए की वित्तीय मदद मिलने के बाद अधिकारियों ने कहा था कि निगम की सम्पत्ति को अगर फ्रीहोल्ड पर नीलाम किया जाता है, तो उससे बहुत अधिक राजस्व उत्पन्न किया जा सकता है । प्रशासक से खाली पड़ी सम्पत्तियों को किराये पर दिए जाने की अनुमति भी मांगी गई थी। पूर्व महापौर देवेश मोदगिल का कहना था कि प्रशाक की मंजूरी के बाद इस मामले में केंद्रीय गृह मंत्रालय की भी मंजूरी ली जाएगी। लीस होल्ड संपत्ति की लासमनी हर वर्ष अदा करनी होती है व  किसी भी प्रकार के उल्लंघन के चलते प्रशासन उसकी अलाटमेंट रद्द भी कर सकता है। यही कारण है कि लीसहोल्ड सम्पत्ति के ग्राहक ही नहीं मिलते। ज्ञात रहे कि कुछ माह पूर्व भी मनीमाजरा में संपत्ति की नीलामी बुरी तरह विफल रही थी। इससे पहले सेक्टर 17 में नवनिर्मित ब्रिज के नीचे की दुकानें, मार्किट आदि जैसा प्राइम संपत्ति के ग्राहक बी निगम को नहीं मिले। विकास नगर में 105 बूथों की छह बार नीलामी की गई पर कोई लेने के लिए नहीं आया। वहीं इस बारे में महापौर राजेश कालिया का कहना था कि आगामी 14 नवंबर को होने वाली निगम सदन की बैठक में इस पर चर्चा हो सकती है, क्योकि इस पर विस्तृत प्रस्ताव बना कर प्रशासन को भेजा जाना है।

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