बार-बार भूख, समझो गड़बड़ है

मधुमेह दिवस पर सिल्लाघ्राट स्कूल में गिनाए बीमारी के खतरे

चंबा – स्वास्थ्य विभाग की ओर से गुरुवार को विश्व मधुमेह दिवस पर राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला सिल्लाघ्राट में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला स्वास्थ्य अधिकारी डा. रामकमल ने की। इस दौरान छात्रों के लिए भाषण प्रतियोगिता भी आयोजित की गई। छात्रों ने मधुमेह के लक्षणों व इससे होने वाली शारीरिक हानियों पर आधारित लघुनाटिका भी पेश की। जिला स्वास्थ्य अधिकारी डा. रामकमल ने कहा कि विश्व में कुल 28.50 करोड़ मधुमेह से पीडि़त है, जबकि भारत में यह आंकड़ा सात करोड़ के करीब है। 19 फीसदी लोगों को इस बीमारी होने की संभावना है। उन्होंने कहा कि मधुमेह बीमारी से केवल जागरूकता से ही बचा जा सकता है। उन्होंने कहा कि शहरी आबादी के साथ ग्रामीण जनता भी इस बीमारी से अछूती नहीं है। उन्होंने बताया कि मधुमेह बीमारी काफी तेजी से बढ़ती जा रही है और हर तीसरा व्यक्ति इस बीमारी की चपेट में आ रहा है। डा. रामकमल ने बताया कि प्यास व भूख लगना, बार- बार पेशाब आना मधुमेह बीमारी के मुख्य लक्ष्ण है। उन्होंने इस बीमारी से बचने के शारीरिक श्रम, व्यायाम व पौष्टिक आहार को अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने भाषण प्रतियोगिता के विजेता छात्रों को पुरस्कृत भी किया। इस मौके पर चिकित्सा खंड पुखरी के चिकित्सक डा. मनीष व स्वास्थ्य पर्यवेक्षक एमआर शर्मा, स्वास्थ्य शिक्षिका निर्मला ठाकुर व दीपक जोशी के अलावा सिल्लाघ्राट पाठशाला के स्टाफ  सदस्यों ने भी उपस्थिति दर्ज करवाई।

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